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Zindagi shayari in Hindi | Zindagi shayari in Hindi font

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 Zindagi shayari in Hindi font


Zindagi shayari in Hindi font  जिंदगी पर ऊपर निचे सुख-दुःख तो होटा ही रहता हैं एक आदमीने जिंदगी पर क्या-क्या  करना परता है हम सभी को मालूम हैं किसीकी जिंदगी अच्छा होता किसीका इतना दुःख होता हैं ।

जिसको हम सोच भी नहीं सकता इस पर संघर्ष जीवन बेटित करते हुए आदमीको दिलकी बात को दिखाया हैं साथ में प्यार की बात  घरवाली का  दिल का बाद अपना प्यारे को किस प्रकार  प्रकट करता है उसको भी  Zindagi shayari in Hindi font  पर दिखाने के लिए कोशिश किया है।

और जिंदगी का सुख दुख का कहानी को लेकर  प्राकृतिक शक्ति किस प्रकार होती है उसको भी दिखाने के लिए कोशिश किया है।

जिंदगी की तलाश

धीमी सी हवा मौसम में कुछ दामन नहीं था
अधूरी जिंदगी मजा ही कम थोड़ा लग रहा था

जो  कमी  लग  रहा  था नजर से ढूंढ  रही था
  बाहर तो झांक रहा था अंदर से ही भूल रहा था

 उसने भी अपने आप को भूल रहा था
जो उसने एक सपना मेरेको दिखाया था

मुश्किलों से मुश्किलों पर गुजर रहा था
 खुद पर मेरे पर ही इंजाम लगा रहा था 

जिंदगी पागल जैसा हो गया था
दूसरी को नाम पर जोर दिया था

 संभालना जन्ना मैं सीखा रहा था
पर वह अनजान बाटे कर रहा था

कुदरत तो नहीं कुचल दिया था
इनसे जिंदगी सबसे हैरान था

जिंदगी पर  बर्बाद  हो  गया था
दुनियाँ की आंखों में काली पट्टी था

सवालों  सवालों  से  खो  रहा  था
निकला  जॉब    खोजने   में

थोड़ी सा   उम्मीदों की किरणें
उस दीप से जो ना था सोच में

ज़िंदगी में

वो  मिरी ज़िंदगी में बहुत खास  थी
दिल  का राज़  मुझें  बताना न आया

मिलाता  रहा  बस्तियों  को शहर से
मुझें   आशियाना  बनाना  न  आया

रेत  की  तरह फ़िसलने  लगे    रिश्तें
मुझें दिल के ज़ख्म  सुनाना न आया

जुबां  पर रखा  सच  फ़रेबी  जहां में
मुझें सच कसम से  छुपाना न आया

जहां पर लुटा दी  मेरे  हक़ कि दौलत
मुझें  किसी का हक़ चुराना न आया

 प्यार की शायरी 

अब  ऐसे  मत   देखो  मुझे
अपने  नटखट  नैनोसे  तुम
तुम्हारा इंतजार करते-करते
देखो  रात हो  गई  कहीं गुम 

यू तो वो बेवफाई नही 
प्यार  किया  करती हैं
हर किसीमें चेहरा मेरा देख
प्यार  किया  करती  है

सुनो नाराज नहीं हूं मैं तुमसे
यूं गलती न मनाया करो अपनी 
मेरे लिए तुम बहुत खाश हो
ऐसे नजरें न झुकाया करो अपनी

आखिर  दिल  तोड़ ही दिया उसने
किसी और को दिल दे दिया उसने 
मैंने हद से ज्यादा चाहा था उसको
किसी और को चाहत कह दिया उसने

तुम जाने  के बाद कोशिश  तो बहुत  कि है 
तेरी नज़रों से हुआ नहीं अब तक आजाद मैं
कुछ  तो  हैं  नशा  था  तेरी  उन  आंखों  में
कौन  नहीं  डूबता  पीने  के  बाद  शराब में

ज्यादा नाटक मत कर ले 
 अब  तो  थक  गया  हूँ  मैं 
यह  बाते  सुन- सुन  कर 
अब  पक  सा  गया हूँ  मैं 

देना  चाहते  हो   कुछ  तो
कलम पन्ने और स्याही दे देना
लिखकर  दुनिया  को  बता दूं
ऐसी   कोई   कहानी  दे  देना

मेरे  बिना जी  नही  सकती 
वो दिन है जिस दिन बोली थी
प्रेमी होने का सुख दिल से 
जिम्मेदारी भी सुकून भरी थी

जिंदगी सुकून फिरसे मिला 
मिलन की एक अद्भुत कहानी
यह तो वह सुख है जिसे पाकर
राधा बन गई कृष्ण की दीवानी

दो  जिस्म  क्या जाने यह
मिलन की बेला क्या रीत है 
ये तो दो - दो  आत्माओं के
संगम  का  महा  प्रतीक है 

मेरे ह्रदय पर तुम तो बस चुकी हो
 की गहराई में कुछ इस तरह प्रिय 
कि तुम्हारे बिना मेरा नाम का अर्थ
हो जाता आधा जब से बनी हो प्रिय

बन  कर  लट  तेरे  बालों  की
बोसा  लू  मैं ते रे  रुख़सार  का
कभी सरक कर कान से लिपटु
इज़हार  करू  मेरी  बात  का

तेरे  हाथ  में  मेरा  हाथ  जब  होता  है
दिल को महसूस सबसे खास तूं होता है
सोए रहना ही चाहता है दिल की बात 
आंख खोलते ही तू मेरे पास ना होता है 

दूर  किए रस्ते  वो सारे जो ले तुझ तक जाते थे
हमे  दर्द हुआ  क्या  करे जब तुम यहीं चाहते थे
रूठा है दिल  अब खुद से भी इसको हसा जा ना 
तू तो बहुत खुसी हैं मेरे को मुर्दा घर पर बसा ना 

जिंदगी  का नियत  तो सही थी मेरी
बस रास्ते गलत तय करने लगा था 
पाने के लिए वर्त करने शुरू कर दिए
आरे तू कब से ये वेहम करने लग था

https://www.nepalishayari.com/2020/04/new-two-line-shayari-collections-in.html

घर वाली की दिल 

मिरी ज़िन्दगी की  सजावट तुम्हीं  हो ना 
लबों पे हसी  मुस्कुराहट  तुम्ही हो जाना 
मुझें याद  करके  दुआ मांग लो तुम प्यारे 
दुआओं कि  मेरी लिखावट  तुम्हीं हो प्यारे 
बसी है तिरी शक़्ल मेरे जहन में दिल वर 
तसव्वु की बनावट तुम्हीं हो मेरी दिल वर 
उभर  आ  गई   चेहरे   पर    उदासी प्यारे
मिरे  चेहरे  की  थकावट  तुम्हीं  हो प्यारे
लबों से निकलकर दिलों तक पहुंचे दिल वर 
उसी गीत की गुनगुनाहट तुम्हीं हो दिल वर 

निराशा ही निराश मिली  हर था दफ़ा ज़िंदगी  में 
तमाशा  ही  तमसा  बना  हर  दफ़ा  ज़िंदगी   में 
मिलाकर   जिंदगी   निगाहें  दगा   ही  दिया   हैं
जो  मिले  था  जिंदगी  कभी  बेवफ़ा  ज़िंदगी  में 
भटकते-  भटकते  रहा  ज़िंदगी  भर  जहां  में 
करिश्मा न  तुझसा था  सफ़ा  य  ज़िंदगी  में 
बिगड़ जाए बुरी हालत तबीअत उसके सितम से
कुछ नहीं मिले  न  किसी  को  जफ़ा ज़िंदगी में 
निकल  जाता था  जाए दम  वो अगर रूठ जायें 
न हो कोइ - न हो कोइ तुम से खफ़ा ज़िंदगी मे

दिल तरसता है

खिन्न है हो रहा है मन ना जाने क्यूं चित्त बेचैन सा है
अश्रु   पात हो  रहा है ना  जाने  केसी  ये  विशात  है
 दुनिया की  दशा  सोच  कर  ह्रदय  में  वज्रपात  है
किस बात का श्राप है हो रहा है धरती पर विनाश है
दुखों का टूटा कहर है शहर गाउं में फैल रहा कोरोना
 विपदाओं  का जहर है  थम जाओ  अब बस करो ना
परमात्मा सुनो तरस करो ये चेतावनी है सुधर जाओ,
ख्याल खुद के साथ प्रकृति और सजीव पर दया जगाओ
संकट है कुछ घड़ी का टल जाएगा सवेरा भी आएगा,
फिर से फूल  माला रंग का  खुशियों का  खिल जाएगा 
रौनक  होगी पुनः  गीत  खुशियों  के  गाना बजाएगा
ध्यान  दो  इस  पल  तब  वापस  ये  पल  नहीं आएगा

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