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Motivational Poem in Hindi

https://www.nepalishayari.com/2020/03/heart-touching-motivational-new.html
Motivational Poem

Motivational Poem in Hindi -प्रेरक कविता हिंदी में


Motivational Poem in Hindi विश्लेषण किया हैं माँ एक भगवन सम्मान होता हैं आपने बचओ को बचपनसे लेकर कर्म कराने तक माँ की बड़े हाट रहताहै। इस पे एक माँ और बच्चों बीचको सम्बंध को की जरिए दिखने की कोसिस किया हैं।

जब हम भी बड़े होजाते हैं फिर भी माँ का याद से सताती रहता हैं Motivational Poem in Hindi एक पात्र हैं। एक माँ आपने बच्चोको दुःख-सुख बड़े मुस्किलो से मुश्किल काम करके  बड़ा करते हैं।

माँ को हर वक्त याद तो आती रहती हैं फिर भी जब मुस्किलो कोही काम सामने आजा ता हैं फिर से माँ  की याद आजाती हैं वो चीजको Motivational Poem in Hindi की जरिए दिखाने को कोसिस किया हैं।


एक माँ का जिंदगी 

मिली जिंदगी मगर में जी ना पाया
बचपन मे ही अपना बचपन गवाया..!!
छुपी हुई थी जो खुशियां बचपन में
अफसोस उन खुशियों को में ढूंढ ना पाया..!!

देखकर दूसरों के घरों की खुशियों को
इस काम ही मैंने खुद को जलाया..!!
जो आग जल रही थी  ज़िस्म में मेरे
आँसुओ को बहाकर मैंने उसे बुझाया..!!

अपने आप खुद से ही रुठ बैठा था
कबतक अब मेने खुद को मनाया..!!
चलने की हिम्मत दो कदम  भी न थी
माँ ने गिरते मेरे कदमो को संभाला..!!

जब भी जिस्म पे मेरे चोट लगी
इस मुख ने बस माँ ही पुकारा..!!
अब तो में बड़ा हो गया हूं
फिर क्यूं मुझे बचपन याद आया..!!

उसी बचपन की याद ने आज
मुझे है बहुत रुलाया..!!
आज मेरे पास सबकुछ है
मगर उसमे से मुझे कुछ न भाया..!!

बचपन की उसी याद ने
मुझे हरवक्त है बहुत सताया..!!
जिंदगी बता तूने उन खुशियों को
किस जगह पे है छुपाया..!!

बचपन के उन लम्हों को मुझे
आज ख्वाब ने है लौटाया..!!
पानी के छोटे से टोकर में
माँ ने मुझे था नहलाया..!!

मिलाकर दुनिया का सारा प्यार
लजीज खाना था पकाया..!!
अपनो दोनो हाथों से मुझे वो लजीज
खाना खिलाया..!!

माँ की उन लोरियों ने मुझे
मखमल के बिस्तर पे सुलाया..!!
लड़ सकु हर हालातों से
उतना मुझे काबिल बनाया..!!

फिर क्यों आज में हारकर
वापस घर लौट आया..!!
माँ ने तो मुझे हर हुनर था सिखाया..!!
में ही नालायक था
जो मुझे जिंदगी में जीना न आया..!!


मेरा सुनना बाकि हैं कविता 


हिंदी कविता हमारी समाज में बहुत ही प्रचलित है चाहे मशहूर हो या बच्चा और स्कूल पर कविता वाचन कराई जाती है पढ़ाई जाती है और कविता सुनना सुनाना बहुत ही रोमांचक हो जाता है। Motivational Poem in Hindi आदमी को खुश करने के लिए एक्सपायर करी जाती है।

मैं भी मेरा सुनाना बाकी है छोटा सा एक Motivational Poem in Hindi कविता लेकर आया हूं अगर आपको पसंद आया हो तो जरूर अपना राय देना नहीं बोलना।

मेरा सुनना बाकि हैं 

ख़याल शायद सपनो की तरह होते हैं
टूटते हैं और बिखरते भी हैं
और बिखरने के बाद जुड़ते भी हैं
ख़याल शायद सपनो की तरह होते हैं

बहुत कहा और सुना यहां
पर अभी बहुत कुछ बाकी है,
तूने अपनी कह डाली पर
मेरा सुनना बाकी है।

तू देता था ढेरों दर्द मुझे
अब तुझे भी सहने बाकी है ,
तूने अपनी कह डाली पर
 मेरा सुनना बाकी  है।

तू बहुत सताता था मुझको
अब तेरी भी बारी है ,
तूने अपनी कह डाली पर
 मेरा सुनना बाकी है।

ना रही जहां की खबर मुझे ,
इस बात को दुनियां मानी है
तूने अपनी कह डाली पर,
 मेरा सुनना बाकी  है।

तुझे जाने की क्यों जल्दी है ,
अभी इश्क़ तो बाकी है ,
तूने अपनी कह डाली पर
मेरा सुनना बाकी है।

बहुत कहा और सुना यहां ,
पर अभी बहुत कुछ बाकी है।


एक वक्त होता है...

जब जॉब पेड़ों से पत्ता टूटकर बिछड़ जाता है..!
वो पत्ता चींटी को घोंसला बनाने का आता है..!!
अपना दुःख में,किसी ना किसी को काम आता है
यहाँ तक अपनो रिश्ते भी, कोई गैर निभा जाता है..!!

इंसान सुख की तलाश पर तड़प रहा होता है
मगर उसके बाप का कहाँ कुछ क्या जाता है!!
अस्पताल भी उसे देखो कोई और ले जाता है.
मरने के बाद भी, दूसरा कोई लेकर जाना है !!

आशिक बोलता है, मेरा धड़कन
जी नही पाऊंगा में, तेरे बिना एक पल भी, ,
अरे..!! एक बाप से पूछ लो
की बेटे का जनादा क्या होता है पूछो अभी

दो ठोकरें लगने के बाद तुमने चलना छोड़ दिया,
एक किसान से पूछो की आराम क्या होता है;
इतनी मेहनत की, फसल उगाने में,
फिर भी पैकेट पे नाम कुछ और होता है..!!

https://www.nepalishayari.com/2020/03/new-love-and-friendship-hindi-breakup.html
Hindi Poem

इंसानियत कोशिस कविता 


मैं अभी Motivational Poem in Hindi लेकर आया हूं एक इंसान इंसानियत का कोशिश हर आदमी को एक कविता पढ़ने के बाद एक किसी का अंदर से उत्साहित कराने वाला Motivational Poem in Hindi कविता है जब इंसान कोई काम में काम करते वक्त धोखा हो जाता है बहुत बार धोखा हो जाता है।

वह आदमी को कुछ भी करने का दिल ही नहीं करता है उस वक्त दूसरा आदमी उसको ज्यादा से ज्यादा  समझा-बुझाकर बोलते हैं तब उसका दिल में एक किस्म का अंदर से ही जुनून निकलता है।

उस जुनून को Motivational Poem in Hindi इस इंसानियत कोशिश का कविता का जरिए दिखाने के लिए कोशिश किया है अगर आपको भी अच्छा लगे तो दोस्त लोग का साथ जरूर शेयर कर दीजिएगा।

इंसानियत कोशिस 

कब तक ओ ज़माने तू मुझे रोक पायेगा 
मेरा दर्द समझ ,क्या तू मेरी आग सम्भाल पायेगा 
दहकती मशाल हूं मै  तू कब तक मुझे भुझाएगा ,
कब तक ओ ज़माने तू मुझे रोक पायेगा ।
नदियों को सुखाना आसां होता हो पर  
तू कब तक इस सागर को  सुखाएगा ,
 कब तक ओ ज़माने तू मुझे रोक पायेगा ।
यूं पी जाऊं तेरे तानों को अब इतनी गहरी हूं मैं
तू कब तक इस गहराई को  नाप पाएगा ,
कब तक ओ ज़माने तू मुझे  रोक पायेगा।
इस धरती पर रेगिस्तान सी हूं तू कितना जल बहायेगा 
तुझे लगता है ? तू कभी उसे मिटा पायेगा ?
कब तक ओ ज़माने तू मुझे  रोक पायेगा ।
क्या तू मेरी आग मेरा रुख समझ सम्भाल पायेगा 
मशाल हूं मैं दहकती तू कब तक मुझे बुझाएगा ,
कब तक ओ ज़माने तू मुझे  रोक पायेगा ??

आपका का जिंदगी का चालक आप खुद हैं आपका जी जिंदगी का फैसला आपकी हाट पर हैं काम करते वक़्त कामके सिलसिला पे हजारौ मुस्किले भुगतना पड़ताहै पर आपका जिंदगीको किस प्रकार से गुजरना हैं कैसे चलना बैठना पुरे कहानी आपके दिमाग पर हैं। 

आपका दिल दिमाग पर होना चाहिए नाकि किसी दूसरे को अंडर पर निर्भर होके जीना वो क्या जिन्दाकि हैं गुलाम की तरह क्या जीना आपका जिंदगी आप खुद पढ़ो आप खुद लिखो यही वस्तिकता इस पर Motivational Poem in Hindi कविता मे दिखने की कोसिस किया हैं। 

प्रेरक कविता

तू खुद है, अपनी जिंदगी का चालक  
दूसरे की मर्जी से  फिर तू क्यू चलता है ?

जीना सिख जिंदगी को जिंदगी की तरह !

खुद ही तेरे आँखों के आंसू तू निकालता है
दूसरे के हाथो से फिर तू उसे क्यू मिटाता है ? 

जीना सिख जिंदगी को जिंदगी की तरह !

तेरे दिल से निकली हुई आवाज तू खुद सुन सकता है 
अपने दिल की आवज फिर तू  दुसरो को क्यू सुनाता है ?

जीना सिख जिंदगी को जिंदगी की तरह !

तेरे नजर के आगे सही और गलत को  खुद पढ़ सकता है 
दूसरे की नजर से फिर तू क्यू पढता है ?

जीना सिख जिंदगी को जिंदगी की तरह !
बोले बिना तेरे हर मुश्किल खुदा देख सकता है

तू फिर आंसू आँखों मे लाके उन्हें क्यू दिखाता है ?

इसलिए कहता हूँ ,जीना सिख जिंदगी को जिंदगी की तरह ..!!


पिघल जाएगी कोशिस करो कविता 


इस  कविता Motivational Poem in Hindi पर कोसिस करने वोलो का हर इंसान को हौसला दिनेकी कोसिस किया हैं। कोही भी काम हो कोसिस करने वालो ही सफल होताहै।

शुरू करने से पाहिले नहीं होगा जो बोलेगा उसका कभी भी कुछ नहीं नहीं होता जो जिंदगी पे कुछ नहीं कर पाएगा। इस लिए कोही भी मुस्किलो से मुश्किल काम भी करने के लिए कोसिस चाहिए एक दिन जरूर वो इंसान सफल होगा इस Motivational Poem in Hindi कविता पर इसीका पांति हैं।

पिघल जाएगी कोशिस करो 

तू चलने की, शुरुआत तो कर,
ये बेड़िया टूट जाएगी;
देख तेरी कोशिश,
लोहें की जंजीरे भी,पिघल जाएगी..!!

जहां बरसों, बेड़ियों में गुजारे है, 
वो एक दिन और, सही ये दिन गुजर गया है,
शाम ठलके रात भी, गुजर जाएगी..!!

हौसलों को, बुलंदियों पे रखकर, 
तू मुश्किलों सामना कर;
देखाओ एक दिन, तेरा ये बुरी तकदीर भी,
बदल जाएगी..!!

जो लोग तुझे हररोज, 
धार-ए-खंज़र जैसे ताने मारते थे;
वो दुनिया,
तेरी सफलता देख, 
वहीं के वहीं थम जाएगी..!!

अगर तूने,
अभी छूटने की कोशिश,
न कि तो याद रखना;
ये आखरी मौके की रात भी, 
तेरे हाथ से निकल जाएगी..!!

तू चलने की,
शुरुआत तो कर,
ये बेड़िया टूट जाएगी;
देख तेरी कोशिश,
लोहें की जंजीरे भी,
पिघल जाएगी..!!

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