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हिंदी शायरी दोस्ती के लिए - Dosti Shayari in Hindi

Dosti Shayari in Hindi


Hello दोस्तों आज मैं Dosti Shayari in Hindi  लेकर आया हूँ साथ मे कविता गजल भी सामेल हैं। जीवन की हर तरह का मोड़ जवान शैली को बिभिन्न प्रकार के माध्यम से अपना आपने तरीका से जीवन विता रही हैं। किसीका जीवन जीना लायक हैं किसीका जीवन अभी ही ख़तम करदु दुःख हैं। 

हम सब किसीन किसी तरह जीवन जीते हैं आज क्या होरा हा हैं उसीको दिखाकर अपने हिसाब से गजल, शायरी, कविता को लिखा कर बोलकर शेर कर जाती हैं। future, past, present, को लेकर अपना पसंद वाली शब्द को चुन चुन कर तरह तरह का शायरी गजल कविता लिखलेटे हैं। 

मैंने भी Dosti Shayari in Hindi  टॉपिक्स पर मिस्रित ग़ज़ल शायरी लिकनेकी कोशिस किया हैं आपने दिल पर आया आपने हिसाब से मेरा पसंद वाली शायरी ग़ज़ल को शेर किया हूँ और आपकी थोड़ी सी मद्द्त चाहिए कृपया आपका मत देना। 

https://www.nepalishayari.com/2020/04/new-two-line-shayari-collections-in.html
Love Shayari image

थोड़ा सा संभल गया हूं


मैं लिखू क्या लिखूं  कुछ समझ नही आता 
कम शब्दों में मुझे मेरे जज़्बात बताना नही आता 
एक आवारा सी ज़िन्दगी की  मीठी सी मंजिल हो तुम
जो समझ ना पाया दिल कुछ ऐसा एहसास हो तुम 

करीबियों को लिखता हूँ 
किसी कहानी की तरह 
दूरिया जब बन जाती है रोता हूँ 
पागलो की तरह वही आंखे फिर सुबह 
  तेरी मुस्कुराहट की रोशनी से खिलती है 

तेरे मुस्कुराने से मेरी हर दुआ कबूल होती है
मेरी हाथो की लकीरों को 
संभालने वाली तकदीर हो तुम 
मेरी माँगी हर दुआ की  वजह हो तुम

हाँ आजकल मेरी मुस्कुराहट की वजह 
   तुम्हारी ही बातें होती है 
मेरे खोये रहने की वजह तुम्हारी 
   यादें होती है 
बेवकूफियां आजकल मैं ज्यादा करता हुँ

तुमसे इश्क का इज़हार मैं आज करता हूँ 
    बेनाम सा है इश्क मेरा 
        तेरी पहचान का हक़ इसे भी नही होगा 
   हा मुझे जवाब का इन्तेजार 
       तेरी मुस्कुराहट में होगा 

बिखरने पर हमारे जो 
   संभालने की उम्मीद देते थे 
उदासियों में जो हमारी 
   मुस्कान बन ने का दावा करते थे 
हाँ वही , उन्ही यादो से हमारा 
   36 का आंकड़ा शुरू हुआ है !

समंदर  ख्वाहिशों के सब मोती तेरे नसीब हो
तेरे चाहने वाले हमसफ़र तेरे हरदम करीब हों,  
कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम,  
कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो

हाँ मैं बदल गया हूं
थोड़ा सा संभल गया हूं
चाहिए नहीं था मुझको बदलना
पर किसी मनमोहिनी पे फ़िसल गया हूँ

यूँ तो मैं हक़ीक़त पे भी शक करूं
पर उसके साथ ख्वाबों के महल गया हूँ
कट रही थी ज़िन्दगी घर के किसी कोने में
किसी चौबारे का माहताब देख बहल गया हूं

हाँ मैं बदल गया हूं
थोड़ा सा संभल गया हूं

खुलकर हंसने की जगह रखना..

घर चाहे कैसा भी हो,
उसके एक कोने में,
खुलकर हंसने की जगह रखना,
सूरज कितना भी दूर हो,
उसको घर आने का रास्ता देना..

कभी कभी छत पर चढ़कर,
तारे अवश्य गिनना,
हो सके तो हाथ बढ़ा कर,
चांद को छूने की कोशिश करना,
भीगने देना बारिश में,
उछल कूद भी करने देना,
हो सके तो बच्चों को,
कागज़ की कश्ती चलाने देना..

कभी हो फुरसत,
और आसमान भी साफ हो,
तो एक पतंग आसमान में चढ़ाना,
हो सके तो एक छोटा सा पेंच भी लड़ाना,
घर के सामने रखना एक पेड़,
उस पर बैठे पक्षियों की बातें अवश्य सुनना,
घर चाहे कैसा भी हो,
घर के एक कोने में,
खुलकर हंसने की जगह रखना..

हटती नही

ज़िंदगी तेरे बिना अब कटती नहीं है,
तेरी याद मेरे दिल से मिटती नही,
तुम बसे हो मेरी निगाहो में,
आँखो से तेरी सूरत हटती नही!

चला जाता हूं 
जहां ले जाते हैं रास्ते
 इन राहोंको सबर नहीं
आज की छोड़
 मुझे कल की भी फिक्र नहीं
न कर तलाश मुझको
मै मुसाफिर  ठहरा
 मेरा कोई घर नहीं

कुछ बात तो है प्रेम में 
महलो में रहने वाली गौरी
अघोरी शिव का भांग रगड़ती है
राणा की वो रानी "मीरा"
छलिए कृष्ण पे मरती है
ना राधा श्याम की अर्धांगनी है
ना कोई उनमे गठजोड़ है
फिर भी प्रेम वो करती है 
बस जुड़ी हुई प्रेम की कच्ची डोर है।

अच्छा सुनो !!!


आज आसमाँ में बादल छाए है, 
चाँद भी नहीं दिख रहा कहि छिप गया है 
शायद तड़पाने चकोर को आखिर वो उसी चाँद की रोशनी मे तो नहाता है 
उनके जीवन का एकही तो अनुकंठा है 
वो चाँद बहुत सुना सुना सा है 
आज आकाश मेरी तरह बिल्कुल ...
तुम आ जाओ ना हमे चाँद निहारना है ..
तुमको निहारने में हमे वही सुकून मिलता है 
जो उस चाँद को तकने में मिलता है
वो कुछ कुछ तुमसा ही तो है 
दूर पर अपना सा 
ये आसमा चाँद बिना अधूरा लग रहा है
इसकी कमी सिर्फ तुम पूरी कर सकते हो
आओ ना ......
आऊंगा?
कभी! तुम्हे समझाने को कि ये वाली चाहत झूठी नही है !
ये वाला अट्रैक्शन नही !
ये जो हुआ है इसका जिस्म से कोई सम्बन्ध नही है !
ये बताऊंगा कि कितनी बार तुम्हारी प्रोफ़ाइल की तरफ घूम आता हूँ !
ये बताऊंगा कि कितनी बार ये मोबाइल के वालपेपर में लगी तुम मुझे बांटती हो खुद से !
ये भी बताऊंगा कि बिना तुमसे कुछ कहे कितने सपने पाल लिए गए हैं इधर !
ये बताऊंगा कि तुम्हारे बगैर कैसी कट रही इधर !
ये भी बताऊंगा कि अरिजीत सिंह से मोहब्बत क्यो बढ़ती जा रही मेरी!
ये भी कि तुम्हारे पुराने चैट्स जो गिने चुने हैं कितनी बार पढ़ता हूँ !
और ये भी कि तुम्हारे लिए क्या क्या कर सकता हूँ !
चाँद-वाद तोड़ने की बात .... टाइप्स फेंकू लोग करते.... मैं शशि थरूर बनूँगा और सीधे प्रैक्टिकल बाते समझाऊंगा !
तुम्हे बता दूंगा कि कितनी जरूरी हो मेरे लिए तुम !
बताऊंगा कि तुम्हारा जिक्र मैंने कितनो से कर दिया !
पर उससे पहले तुम्हारा ये जानना जरूरी है कि मोहब्बत बन चुकी हो तुम !
जरूरत,इबादत शायद सब !
सबूत न मांगना नही दे पाऊंगा ! कारण न पूछना नही बता पाऊंगा ! 
बस..साथ निभा दो मेरा....वादा अनन्त तक जाऊंगा तुम्हारे साथ..... बिना दुनिया की परवाह किये !
मुस्कुराहटें बिखेरते हुए...तुम्हारे खूबसूरत चेहरे पर...
थोड़ा और...थोड़ा और......

 Nice Line

धीरे धीरे उम्र कट जाती हैं!
जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है!
कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है!
और कभी यादों के सहारे जिंदगी कट जाती है!

किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते!
फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते!
जी लो इन पलों को हंस के दोस्तो
फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते!!

ग़ज़ल बना देंगे

शायर तो हम है शायरी बना देंगे,
आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे,
कभी सूनाओ हमे अपनी आवाज़,
तुम्हारी आवाज़ को हम ग़ज़ल बना देंगे।

चिन्ता किस बात की

न माँझी, न हमसफ़र, न हक़ में हवाएँ
कश्ती भी जर्ज़र, ये कैसा सफ़र है…
अलग ही मज़ा है फ़कीरी का अपना
न पाने की चिन्ता, न खोने का डर है…

आवाज बुलाती हैं

जिन्दगी जब भी तेरी बज्म में लाती है!
ये जमी चाँद से बेहतर नजर आती है हमे!!
सूर्ख फूलों से महक उठती हैं दिल की राहे!
दिन ढले यूं तेरी आवाज बुलाती हैं हमे!!

Alone Shayari

सुना है आज कल वो परेशान रहती है,
उससे कहना बे -फ़िक्र मैं भी नहीं हूँ...

सुना है वो गुमसुम रहती है,
उससे कहना हाज़िर जहाँ मैं भी नहीं हूँ..

सुना है वो रातों को जागा करती है,
उससे कहना,  हम भी सोते नहीं है...

सुना है वो चुप चुप के रोती है,
उससे कहना हँसता मैं भी नहीं हूँ...

सुना है वो मुझे याद बुहत करती है,
उससे कहना भूला मैं भी नहीं हूँ...

पहली मुलाकात

कुछ नशा तेरी बात का है,
कुछ नशा धीमी बरसात का है,
हमे तुम यूँही पागल मत समझो,
ये दिल पर असर पहली मुलाकात का है

हुआ दिल

टटे हुए प्याले म जाम नहीं आता
इश्क़ में मरीजको आराम नहीं आता
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता
के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता।

आवाज़ तेरी है

मेरी हर खुशी हर बात तेरी है,
मेरी साँसों में बसी वो महक तेरी है,
इक पल भी नही रह सकते बिन तेरे,
धड़कनो से निकलती हर आवाज़ तेरी है।

रिश्ता निभाना आता है

जो रूठ जाते मुझसे कभी-कभी
मुझे उन्हें मनाना आता है,
जो चले जाते दूर मुझसे कभी-कभी
उन्हें पास बुलाना आता है
कोई तमन्ना नहीं किसी और की मुझे,
मुझे तो प्रकृति की तरह रिश्ता निभाना आता है

हरा नहीं सकती 

उम्र थका नहीं सकती,
ठोकरें गिरा नहीं सकती,
अगर जीतने की जिद हो तो,
परिस्थितियां भी हरा नहीं सकती

आत्मा मेरी ❤️

तेरा प्रेम है प्रकृति के सौन्दर्य सा
बाँसुरी सी मिठास सा बुद्ध सी शांति सा
तेरे प्रेम से संगीतमय है मेरी
जिंदगी तेरे प्रेम में ही लीन है ये आत्मा मेरी ❤️
पर सुनो.....
नहीं चाहती तेरे प्रेम में बनूं मीरा
जिसे जहर का प्याला पीना पड़ा
हाँ राधा भी नहीं बनना है मुझे
विरह की अग्नि में जली पल पल
पर कभी कह न सकी मन की पीड़ा

सीता भी नहीं बनना मुझे कि
देनी पड़े मुझे अग्नि परीक्षा कोई
उर्मिला बनकर भला कोई कैसे रहे
जो चौदह वर्ष विरह में थी रोई

मुझे रहना है बनकर रुक्मिणी तेरी
जिसे हर पल कृष्ण का संग मिला
कोरे कागज पर जैसी बनी तस्वीर को
मनचाहा हर रंग मिला ❤️❤️


मुस्कुरा देना

मोहब्बत की रिवायत को...
हम दोनों यूं ही निभाएंगे...!!
कभी तुम याद आ जाना...
कभी हम याद आएंगे...!!
ख़फा नहीं होने देंगे कभी...
दोनों एक-दूसरे को हम...!!
कभी तुम मुस्कुरा देना...
कभी हम मुस्कुराएंगे...!!

 बगैर उनसे रह नही पाते

सोचते तो है मगर कह नही पाते,
दिल के जज़्बात अपने बया कर नही पातें !!
ये खामोशी कही दूर न करदे हमे उनसे,
हम आज कल उनके बगैर रह नही पाते !!

मुझे उतर जाने दो

अपनी बांहों में मुझे बिखर जाने दो,
सांसों से अपनी मुझे महक जाने दो,
दिल बेचैन है कबसे इस प्यार के लिए,
आज तो सीने में अपने मुझे उतर जाने दो..!!

मोहब्बत हो गयी

रुक रुक के उनके साथ हमें एक चाहत सी हो गयी,
बात करते करते हमें उनकी आदत सी हो गयी,
उनसे मिल ने के लिए एक बैचनी सी रहती हे,
न जाने दोस्ती निभाते निभाते हमें मोहब्बत सी हो गयी..

प्यार हो जाता

कोही ना कोही किसी पर एतवार हो जाता है.
अंजान सा चेहरा भी यार हो जाता है..
खूबियों से ही नही होती मोहब्बत सदा.
किसी की कमियों से भी कभी प्यार हो जाता है।

जंग

राह संघर्ष की जो चलता है,
वो ही संसार को बदलता है,
जिसने रातों से जंग जीती है,
सूर्य बन कर वो ही निकलता है !

एक समाधान

ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी
एक जैसे नहीं बनाएं हैं!!
हर एक की अपनी मौलिकता है
दूसरों से ईर्ष्या रखकर
आगे बढ़ने के बजाय
अपनी मौलिकता खोजें
इसी में असली आनंद और समाधान है!!

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