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Motivational Ghazal Shayari in Hindi - ग़ज़ल शायरी हिंदी में

Ghazal Shayari in Hindi

Hello friend's मैं इस पर गजल हिंदी शायरी लेकर आया हूँ ghazal shayrai  in Hindi पर मिक्स ग़ज़ल शायरीया हैं। जीवन पर घटते घट्नाय पर आधारित जीवनको समेत कर ghazal shayrai  in Hindi पर लिखा हैं ग़ज़ल आपने दिल को छूने वाला शब्द पर लिखी हुई ग़ज़ल सभी को पसंद आता हैं।

मैं भी छोटा सा ग़ज़ल पेस करने के लिए कोसिस किया हूँ आप लोगो को आच्छा  तो जरूर आपने मत देना नाभुलना हम आपका कमेंट को पढ़्ना देखना चाहताहूं।

अखबार क्यूँ है 

कछ इस तरह से वो मुस्कुराते हैं 
की परेशान लोग उन्हें देखकर खुश हो जाते हैं!!

उनकी बातों को अजीब क्यों  कहिये
अल्फा़ज़ फूल बनकर होंठों से निकल आते हैं !!

इतने बेताब इतने
 बेक़रार क्यूँ हैं,
लोग जरूरत से होशियार क्यूँ हैं।

मुंह पे तो सभी अपने हैं लेकिन.
पीठ पीछे दुश्मन हज़ार क्यूँ हैं।

हर चेहरे पर इक मुखौटा है यारो,
लोग ज़हर में डूबे किरदार क्यूँ हैं।

सब काट रहे हैं यहां इक दूजे को,
लोग सभी दो धारी तलवार क्यूँ हैं।

सब को सबकी हर खबर चाहिये,
 लोग चलते फिरते अखबार क्यूँ है 


Mohabbat Ghazal Shayari - हृदयस्पर्श 


जब  तक  चलेगी जिंदगी की सांसे
कहीं  प्यार  कहीं टकराव मिलेगा !!

कहीं  बनेंगे  संबंध  अंतर्मन से  तो
कहीं आत्मीयता का अभाव मिलेगा

कहीं  मिलेगी  जिंदगी में  प्रशंसा  तो
कहीं नाराजगियों का  बहाव  मिलेगा

कहीं  मिलेगी सच्चे मन से  दुआ तो
कहीं  भावनाओं में दुर्भाव मिलेगा !!

कहीं बनेंगे पराए रिश्तें भी अपने तो
कहीं अपनों से ही खिंचाव मिलेगा !!

कहीं  होगी  खुशामदें चेहरे  पर तो
कहीं पीठ पे बुराई का घाव मिलेगा !!

तू  चलाचल  राही अपने कर्मपथ पे
जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा !!

रख स्वभाव में शुद्धता का "स्पर्श" तू
अवश्य  जिंदगी का पड़ाव मिलेगा !!


फिर भी माना मैं

मैं कारीगर हूँ साहब
उंगलियों से उसे गढ़ता हूँ
मिट्टी के हम पुतलों को बनाया उसने
उसे खुद की तरह मढ़ता हूँ,

क्या जाने कब उसकी आंँख खुले
वो एक बार मुझको देखेगा
यही सोचता हूं हर दिन मैं
और हर रात उससे लड़ता हूँ,

तन मेरा जो पिंजर हो गया
उसकी बाट जोहते हुए 
ना हार फिर भी माना मैं
आज फिर बात पर अड़ता हूँ!!


गुजर जायेगी

 फिर न सिमटेगी अगर चाहत बिखर जायेगी
 जिन्दगी जुल्फ नहीं जो संवर जायेगी
  जो खुशी दे थाम लो उसका दामन
जिन्दगी रो के नहीं हंस के गुजर जायेगी !

लाज़मी था

इश्क़ की सारी हदें पार की थी, 
हमारा दूर होना भी लाज़मी था

संग जीने मरने के वादे किए थे, 
बिछड़ के चूर चूर होना भी लाज़मी था

जो कभी एड़ियां घिसाई थी रात दिन, 
उन गुमनाम गलियों में मशहूर होना भी लाज़मी था

तेरे सिवा किसी और को देख नहीं सकती आंखें, 
के इश्क़ का भरपूर होना भी लाज़मी था

इश्क़ में अंबरसरिया ने रब किया था तुझे, 
बिछड़न दस्तूर होना भी लाज़मी था।।

Ghazal lines for status - रिश्ता कैसा


"आंसू" जता देते है, "दर्द" कैसा है?
"बेरूखी" बता देती है, "हमदर्द" कैसा है?

"घमण्ड" बता देता है, "पैसा" कितना है?
   "संस्कार" बता देते है, "परिवार" कैसा है?

"बोली" बता देती है, "इंसान" कैसा है?
       "बहस" बता देती है, "ज्ञान" कैसा है?

"ठोकर" बता देती है, "ध्यान" कैसा है?
       "नजरें" बता देती है, "सूरत" कैसी है?

"स्पर्श" बता देता है, "नीयत" कैसी है?
 और "वक़्त" बता देता है, "रिश्ता" कैसा ?


ए-शबाब

"ज़ुल्फ़ों का दामन छोड़ कर,
 बूँदें आफ़ताब हो गयी...!!

जो बच गयी गालों पर, 
    वो शबनम-ए-शबाब हो गयीं"!!


तुम

एक उलझन भरा सवाल बन गए हो तुम !
बेफिक्र जी रहे जिसे वो ख्वाब बन गए हो तुम !
रख नही पाती खबर जहाँ ही आज कल !
जहा खोई रहती हूँ हर वक़्त वो दुनिया बन गए हो तुम !!

हम मनाएंगे

मोहब्बत की रिवायत को...
हम दोनों यूं ही निभाएंगे...!!

कभी तुम याद आ जाना...
 कभी हम याद आएंगे...!!

ख़फा नहीं होने देंगे कभी...
दोनों एक-दूसरे को हम...!!

कभी तुम मुस्कुरा देना...
कभी हम मुस्कुराएंगे...!!

कोई कुछ भी कहता रहे...
कहने दो सबकी आदत है...!!
हमारा दिल जो चाहेगा...
हम वो करते ही जाएंगे...!!

शरारत का अगर मन हो तो...
तुम यूं करना मेरे हमदम...!!

अचानक रूठ जाना तुम...
और तुमको हम मनाएंगे...!!


कह जातें हैं

बडी बडी बातें करने वालें
बातों में ही रह जातें है
और  हलके से मुस्कुराने वालें
बहुत कुछ कह जातें हैं

रुला दिया

Gulzar quotes

हद से ज्यादा प्यार कर बैठा था उस पगली को
उसने तो सीधा ख़ंजर ही चला दिया !
सीमा पार करने पर सीधा गोली लगती है सीने
कुछ ही दिनों में मुझे अंदर तक रुला दिया !!


रो रही है

मोहब्बत के नाम से सजती थी महफिले मेरी 
आज देखो एक तरफ़ा इश्क की कहानी मशहूर हो रही है !!
कभी हुआ करती थी गलिया मोहब्बत की शामो से हसीन 
आज कुछ बेवफाई की यादों में रो रही है !!"


पुकारे जाऊं

हाय.... तेरी इस मुस्काम पे मैं वारे जाऊं
तेरी सादगी पे दिल अपना हारे जाऊं
अब तो आदत ऐसी हो गयी तेरी
के सपने में भी नाम तेरा पुकारे जाऊं।।


ज़रूरत है तू

कैसे कह दूं क्या है तू
इकलौती मेरे जीने की वजह है तू

जिसकी मुझे तलाश थी वो जन्नत है तू
खुदा से मांगी हुई हर इक मन्नत है तू

मिलने के बाद भी जो न बुझी वो प्यास है तू
मेरे जीवन में सबसे ख़ास है तू

सावन की पहली बरसात है तू
सितारों सी जगमगाती रात है तू

सर्दियों में जो रूह को सुकूं दे ऐसी धूप है तू
मेरी ज़िंदगी में आई ईश्वर का रूप है तू

अरषों से उतरी एक हूर है तू
मेरे लिए हीरा कोहिनूर है तू

तू ही मेरी सहर और शाम है तू
उठ के जो सबसे पहले लूं वो नाम है तू
इस अम्बरसरिया की ज़िद नहीं ज़रूरत है तू


सवाल कर गया

कमबख़्त इश्क़ भी कमाल कर गया
किसी बेगाने की ख़ातिर अपना जीवन बेहाल कर गया

जिसके लिए 'अम्बरसरिया' गीत लिखने लगा
वो ही इस दिल से खिलवाड़ कर गया

इक पल के लिए सोचा नाम ले लूं उसका
जो इस दिलवाले के दिल को कंगाल कर गया

पर कैसे रुस्वा कर दोगे अपने सच्चे प्यार को
मेरा तो खुद का दिल भी सवाल कर गया।।


रूठे थे

ना तो मौसम झूठा था
न मेरे वादे झूठे थे

गर दिल तुम्हारा टूटा था
हम भी अंदर से टूट थे

तुम तो फ़िर भी संभल गए
हमारा हाल देख
हमसे तो अपने भी रूठे थे


बड़ा पछताओगे

हमें उस घड़ी का बेसबरी से इंतज़ार है
जब तुम मेरी बाहों में आओगे

हर घड़ी हर जगह बस
हमें ही करीब पाओगे

जो करोगे मेरी जाना कभी बेवफ़ाई हमसे
सच कहता हूं, बड़ा पछताओगे


तुम हो

सच्चा इश्क़ तुम हो
मेहबूब भी तुम हो
लफ्जों से तीखे वार करते हो
जितने दूर हो हमसे, उतने ही करीब भी तुम हो

मोहब्बत के खेल में तुम हो खिलाड़ी
हम तो अभी है इसमें अनाड़ी

न जाने कैसा रिश्ता है अपना
दुश्मन भी तुम हो और हबीब भी तुम हो


प्यार के आगे

कितना बेबस है इंसान किस्मत के आगे,
हर सपना टूट जाता है हक़ीकत के आगे, 
जिस ने भी दुनिया मे जुखना नही सीखा, 
वो भी जुख जाता है प्यार के आगे


टूट रही है

खामोश होकर सोच रहे है ,की अल्फाज जो लिख रहे है क्या वो कुछ कह रहे है !
बेमतलब सी चलती थी जो कलम किसी और के जज़्बात लिखने को
आज ना किसी से मिल रही है ना मुझे समझ रही है !
समझ रहे है सोचने वाले कलम की श्याही खत्म हो रही है 
किसी को क्या बताए हमारी , कैसे हर उम्मीद टूट रही है !


मैरिटल रेप (वैवाहिक बलात्कार)


सब कुछ कर गुज़रा उस रात वो शैतान
कर हदें सारी पार, खड़ा था सीना तान

मैं रोई गिड़गिड़ाई 
ऐसा पति पा कर आंसू भी बहाई

थू है ऐसे समाज और ऐसी दुनियादारी पे
साले मरदानगी भी दिखाते हैं तो एक अबला नारी पे

किस्मत की मारी- है वो बेचारी,
जिसका खुद का पति ही निकले बलात्कारी

था सोचा मैंने होता है ईश्वर का रूप पति,
पर वो तो निकला हवस का पुजारी

थी कच्ची उम्र में मैं, बचपना भी न था गया
माँ बाप ने अपना बोझ समझ, मुझे था ब्याह दिया

अभी तक सुना था, आज देख भी लिया,
बेटियाँ होती बोझ माँ बाप, पे समझ भी आ गया


गई जो ससुसाल..सोचा सास का प्यार मिलेगा,
मुझे कहां पता था यहाँ सिर्फ़ धिक्कार मिलेगा

कोई न मिला ऐसा, जिसे कह सकूँ अपना
यहां तो सारे रिश्तेदार निकले व्यापारी

काश! मुझे भी पढ़ने दिया होता मेरे घरवालों ने, कम से कम जवाब तो देती
अपने human rights के अधिकार तो लेती

नासमझ बनाया मुझे सरकस का जोकर बनाया मुझे
मैं हूं बस ग़ुलामी के लिये सब ने यही सिखाया मुझे

दिन रात सास ससुर की सेवा की हर रिश्ते को सम्मान दिया
अपने पति की खिशियों के ख़ातिर ख़ुद की ख्वाहिशों का बलिदान दिया

पर जब बात आई ज़बरदस्ती पे मैंने भी ये ठान लिया
नहीं रहूंगी मैं चुप करवाउंगी शिक़ायत दर्ज़ ठान लिया

पर न्याय कहाँ मिले अन्यायी समाज में यहाँ तो अपराधी का है पलड़ा भारी
धारा 375, अपवाद 2 के तहत छूटा है देखो आज फ़िर एक  बलात्कारी

बेशक वो इसकी पत्नी थी मगर.... थी वो नाबालिग़
न जाने क्यों 16 वर्ष की बच्ची को दर्शाया कानूनी तौर पे बालिग़

कानून ने आज भी साथ दिया है देखो एक बलात्कारी का
आज फ़िर आत्मसम्मान ज़लील हुआ देखो  एक नारी का

बेचते अपना पुत्र हैं..दहेज के लालच में और बहू को बना दिया जाता है नौकरानी

न जाने ज़माना कब सुधरेगा कब यहाँ लोगों को अकल आएगी
जाने कब अपने हिंदुस्तान में बहु बेटियां सुरक्षित रह पाएंगी

Plz respect the Girls

तेरे बालों को सहलाती,
तेरे बदन को टहलाती,

तेरे उभारों से गुज़रकर, तेरे यौवन में उत्तर जाना चाहती है,
मेरी सांसे तेरी सिसकियों में उलझकर, बिस्तर पर बिखर जाना चाहती है।

बादल निगाहों का तेरी याद में बरसता है.
ए जो आशिक है तेरा
 तेरे दीदार को तरसता है.
ना जाने कहां खो गए  तुम 
 मुझे भूलकर.
आज मालूम हुआ दुनिया मे तूम्हारी
 मोहब्बत से ज्यादा तो दर्द ही सस्ता है.
हसता हुआ चेहरा 
आपकी शान बढ़ाता है
 मगर..
हँसकर किया हुआ कार्य 
आपकी पहचान बढ़ाता है
कौन कहता है कि

इंसान खाली हाथ आता है
और खाली हाथ जाता है ?
ऐसा नहीं  है.,
इंसान भाग्य लेकर आता है
और 
कर्म लेकर जाता है
Life is very beautiful

"सफलता" की पोशाक
कभी तैयार नहीं मिलती
इसे बनाने के लिए
मेहनत" का हुनर चाहिए.

"अच्छे" और "सच्चे" रिश्ते
न तो "खरीदे" जा सकते हैं,
न ही "उधार" लिऐ जा सकते हैं
इसलिए
उन लोगों को जरूर "महत्व" दें
जो "आपको" महत्व देते हैं...

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