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बेहतरीन लव शायरी इन हिंदी 2020, Pyar Ishq Mohabbat Shayari

Pyar Ishq Mohabbat Shayari


बेहतरीन लव शायरी इन हिंदी  Pyar Ishq Mohabbat Shayari  हम आजा सभी प्रकार के छोटे छोटे हिंदी शायरी, हिंदी कविता, हिंदी ग़ज़ल लेकर हाजिर हैं। 

शायरी दुनिया पर प्यार मोहब्बत हर किसीको चाहिए और हर किसी को ए चीज सभी को नहीं  मिलता हम सभी किसीन किसी प्रकार के दुखी जरूर हैं। इस प्रकारके दिल छूने वाला  Pyar Ishq Mohabbat Shayari  शायरी,कविता गजल मिक्स शब्दो पर लिखा हैं। 

फरक फरक अवस्था पर फरक मध्यम से अपना बिचार को प्रस्तुत करने की कोसिस हैं। जिंदकी को घट्टे घट्नाय को समेटकर अपना दिलकी बातो को बताने की प्रयास हैं। 

https://www.nepalishayari.com/2020/04/new-sad-shayari-in-hindi-for-girlfriend.html
Mohabbat shayari image


वास्तविकता


इश्क़, वादे-वफ़ा और प्यार क्या है
इज़हार-ए-मोहब्बत इक़रार क्या है
बाहरी रौनक पे मोहित है ज़माना
न जाना किसी ने वास्तविक निखार क्या है

कुकर्म करके यूँ नासमझ बने बैठे हैं लोग
जैसे  कोई  रेपिस्ट पूछे  बलात्कार क्या है
मर्दानगी दिखाते फ़िरते हैं बेबस लोगों पर
इससे बढ़कर मज़लूम का शिकार क्या है

कद्र उसी को है जिसको वो चीज़ ना मिली
किसी गूंगे से जा के पूछो पुकार क्या है
पल पल तड़पा है कोई आशियां बनाने में
कोई दौलतमंद क्या जाने इंतज़ार क्या है

लोगों ने बना रक्खा है आशिक़ी का मौसम भी
किसी सूखे लबों से पूछो सावन की बहार क्या है
ज़िन्दगी गुज़री है 'अम्बर' की रिश्ते गंवाने में
इससे भी बढ़कर भला कोई लाचार क्या है


मेरा दिल बदल गया

भुला दिया मैंने उस पल को जो कभी मेरा हुआ करता था,
माना कि एक दौर था मेरा जो सिर्फ तेरा हुआ करता था,
आज तेरा फिर लौट आना मैंने नज़रअंदाज़ किया,
माना कि एक दौर था मेरा जो आँसू निकले 
वो सिर्फ तेरे लिए हुआ करता था,
पर आज वो दौर बदल गया 
तेरी उन छोटी हरकतों की यादों को सोचकर मेरा दिल बदल गया।


मेरे श्याम

मेरी आवाज है दिलबर तेरे अल्फ़ाज़ गाता हूँ,
जो तुझे याद करूं तो खुद को भूल जाता हूँ,
ये तेरे प्रेम का रस है जो आंखों से छलकता है,
मगर इल्ज़ाम है मुझ पर की मैं आंसू बहाता हुँ।



आंखों में आंसू छुपाते हैं
तेरे होने का यकीन खुद को दिलाते हैं
माना तू सितारों में है
मगर आवाज देखे तुझे जमीन पर बुलाते हैं.
तू छोड़ गया है 
मोहब्बत की चिंगारी जिसमें हर रोज हम खुद को जलाते हैं.


बचपन  Bachpan  ◆ कुंडलिया छंद ◆

नटखट पन की डायरी, खोली वर्षों बाद।
ख्वाबों में पल बैठते, बचपन आया याद।।
बचपन आया याद, देख  तस्वीर  पुरानी।
लिए जज़्बात संग, दादी माँ की कहानी।।
हर  लम्हों  के  साथ,  आँखें  बन  गई  पनघट।
वो भी था इक वक़्त, हम भी थे कभी नटखट।।


दोहा छंद ◆

प्रेम  में  मन बंध चला, प्रेम ही  जीव स्त्रोत।
प्रेम ही सर्वज्ञान है, इस "अम्बर" की ज्योत।।
प्रेम भाव अपनाय के, "अम्बर" बना महान।
प्रेम से  संसार  चले, कहत  ग्रंथ  का  ज्ञान।।
"अम्बर" इस संसार में, कीजे प्रेम अपार।
प्रेम करि तन मन से,  ना करिये व्यापार।।
मानस के इस जगत में, प्रेम न देखे ज़ात।
दो रूहों का मेल है, जीवन की शुरुआत।।
दर्पण देख समाज का, उभरा दुख का भाव।
जो दवाई  न  भ र सके, प्रेम  भरे  वो  घाव।।


 मेरे  आंसू ले गया

दिल के मेरे जज्बात ले गया
खामोश लबों की हर बात ले गया.
कुछ और ना मिला मेरे पास उसको
फिर निगाहों में दर्द रखकर मेरे  आंसू ले गया



शायद किसी को इंतजार था मेरे लौट आने का
हवाओं को तक पता चल गया मेरे मुस्कुराने का
और कितना दिल दुखाना है खुदा
अब मजा नहीं आता उस से नजरें चुराने का


कोई नाम न दो

हमने देखी है उन आँखों की महकती खुशबु
हाथ से छू के इस रिस्तो को इल्ज़ाम न दो
सिर्फ एहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो


बच्चा है तूं...

कितना सीधा और सच्चा है तूं
शुक्र है अभी बच्चा है तूं....
लेकिन जब जवान होगा तूं
खो जाएगा जमाने में,
पल पल दम तोड़ते वीराने में,
जुट जाएगा कमाने में,
नासमझ है और कच्चा है तूं,
छोटा है अभी अच्छा है तूं,
कितना सीधा और सच्चा है तूं,
शुक्र है अभी बच्चा है तूं....



तुझको पा नहीं सकता

मेरी आदत है खुद को मैं कभी झुठला नहीं सकता!!
तेरी कीमत समझता हूँ तुझे बतला नहीं सकता!!
नसीबों का रचा इक खेल मेरे दरमियाँ है अब!!
मैं तुझको चाहता हूँ पर मैं तुझको पा नहीं सकता!!


निकली

घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली
सारी गली उनकी फिराक मे निकली
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से
ओर हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली..



में खफा नहीं हूँ जरा उसे बता देना
आता जाता रहे यहाँ इतना समझा देना !
में उसके गम में शरीक हूँ
पर मेरा गम न उसे बता देना,
जिन्दगी कागज की किश्ती सही,
शक में न बहा देना !


आपको बताना था

पैगाम तो एक बहाना था
इरादा तो आपको याद दिलाना था
आप याद करे या ना करे कोई बात नही
पर आपकी याद आती है
बस इतना ही हमने आपको बताना था



जब कोई इतना खास बन जाए,
उसके बारे मे ही सोचना एहसास बन जाए,
तो माँग लेना खुदा से उसे ज़िंदगी के लिए,
इससे पहले के वो किसी ओर की साँस बन जाए.


भुला दिया

आप हमें रुलादो हमें गम नहीं,
आप हमें भुलादो हमें कोई गम नहीं,
जिस दिन हमने आप को भुला दिया,
समझ लेना इस दुनीया में हम नहीं 


नहीं होता

हर कोई तुमसा ख़ास नहीं होता,
जो ख़ास होता है वोह कभी पास नहीं होता,
यकीन ना आये तो चाँद को ही देखो,
जिसके दूर होते हुए भी दूरी का एहसास नहीं होता 


ताज कर दिया

लो तुमने भी ये आग़ाज़ कर दिया!!
धड़कन को दिल का साज़ कर दिया!!
दे कर मेरे गीत को अपनी आवाज़!!
खंडहर सी इमारत को ताज कर दिया!


मुस्कान तुम्हारी

रिश्तों की है यह दुनिया निराली, 
सब रिश्तों से प्यारी है
यह दोस्ती तुम्हारी, 
मंजूर है आंसू भी आंखो में तुम्हारी, 
ऐ दोस्त अगर आ जाये होंठों पे  
मुस्कान तुम्हारी


जानते हो

दोस्ती उन से करो जो निभाना जानते हो,
नफ़रत उन से करो जो भूलना जानते हो,
ग़ुस्सा उन से करो जो मानना जानता हो
,प्यार उनसे करो जो दिल लुटाना जानता हो.

लड़के, बच्चे, बूढ़े, जवान,
रोगी, भोगी, छोटे, महान,
क्षेत्रपति, महाजन औ’ किसान।
दादा, नानी, चाचा, ताई,
मौसा, फूफी, मामा, माई,
मिल ससुर, बहू, भावज, भाई।


सजायेंगे । 

वादा किया है तो जरूर निभायेंगे, 
बन के खुशबू तेरी महफिल महकायेंगे, 
हम हैं तो जुदाई का ग़म कैसा, 
तेरी हर सुबह शायरी से सजायेंगे । 


लाजवाब है!

 कैसे खिलेंगे रिश्तों के फूल,
अगर ढूंढते रहेंगे एक-दूसरे की भूल..
     जिंदगी में कुछ खोना पडे तो
       यह दो लाईन याद रखना!
       जो खोया उसका गम नहीं,
पर जो पाया है वह किसी से कम नहीं,
       जो नहीं है वह एक ख्वाब है,
पर जो आप को मिला है वह लाजवाब है!


ज़रूरी है क्या!!

शायरी में दर्द बयां करना ज़रूरी है क्या
हर वक़्त ग़म में डूबे रहना ज़रूरी है क्या
कभी प्यार के बोल भी बोल लिया करो
दर्द-ए-मोहब्बत में मरना ज़रूरी है क्या!!

तेरी अदाएं मुझे पागल बनाएं
खुली आँखों से सपने दिखाएं
भूल से जो भूल जाऊं मैं तुझे
ये सर्द बेरहम हवाएं छेड़ जाएं

चाहे रहूँ मैं कहीं भी दूर तुझसे
तेरा ही चहरा बस नज़र आए
बचपना है अभी तुझमे बहुत
जब पास आऊं तो दूरी बनाए

ये होंठ गुलाबी देख तेरे
अब तो मुझसे रहा न जाए
बिन तेरे ये बरसात का मौसम
"अम्बर" को पल पल रुलाए


इक तरफ़ है।

प्यार इक तरफ़ है
व्यापार इक तरफ़ है

शराब इक तरफ़ है
मेरा यार इक तरफ़ है

फूल तो बहुत देखे हैं 
पर गुलाब इक तरफ़ है

कैटेगरी होती है
गुनाहों की भी मेरे यार
सज़ा-ए-मौत इक तरफ़ है
और अज़ाब इक तरफ़ हौ!!

यूँ तो अम्बर का नेचर ही ऐसा है
लाखों पे भारी नायाब इक तरफ़ है।


ज़िन्दगी 

किताब-ए-ज़िन्दगी की हर पन्ने पे नाम है तेरा
तू जहाँ भी हो ख़ुश रहे बस यही पैग़ाम है मेरा
ना हुआ इज़हार-ए-मोहब्बत मुझ बदनसीब से
वही क्यों बनता बेगाना जिसे चाहूँ मैं क़रीब से
तुझे माँगा निस्वार्थ रब से पर तू हिस्से ना आई
माला तेरे नाम का "अम्बर" ने सुबह शाम है फ़ेरा


काफी है

ज़िन्दगी में किसी का साथ काफी है,
हाथों में किसी का हाथ काफी है,
दूर हो या पास फर्क नहीं पड़ता,
प्यार का तो बस अहसास ही काफी है।


बेकरार नहीं!

माना आज उन्हें हमारा कोई ख़याल नहीं,
जवाब देने को हम राज़ी है, पर कोई सवाल नहीं!
पूछो उनके दिल से क्या हम उनके यार नहीं,
क्या हमसे मिलने को वो बेकरार नहीं!


 नहीं देगे 

तुजे दिल से जुदा कभी होने नहीं देंगे,
हाथ हमारा कभी छोड़ने नहीं देंगे 
तेरी मुस्कान ही इतनी प्यारी हे की
हम मर भी जाये पर तुजे रोने नहीं देगे 


ना छूटे

 कोशिश कर रहा हूँ  कि कोई मुझसे ना रुठे,
     जिन्दगी मे अपनो का साथ ना छूटे
        रिश्ते कोई भी हो उसे निभाऊं,
कि उस रिश्ते की डोर जिन्दगी भर ना छूटे।

आपको कैसे लगा आपका सुझाब का इंतजार कर रहे हैं किस प्रकार का आपको पसंद हैं हमको जरूर कमेंट करके बताना Thanks.

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