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अंग्रेजी शायरी संग्रह हिंदी भाषा में - English language shayari collection in Hindi

English language shayari Collection in Hindi

अंग्रेजी शायरी को हिंदी में ट्रांसलेट करके लेकर आया है इंग्लिश शायरी भी हिंदी शायरी तरह ही होता है हिंदी शायरी का जैसे संस्कृति है वैसे ही अंग्रेज शायरी में भी अपना एक संस्कृति है।
आज हम English language shayari collection in Hindi  पर अच्छे-अच्छे इंग्लिश शायरी को हिंदी में कन्वर्ट करके कविता ,गजल, शायरी  बनाकर आप लोग के पास पेश किया है।

इसी इंग्लिश कविता शायरी और गजल को हम थोड़ा थोड़ा मिला के तैयार किया है इस पर प्यार की धोखा होने पर प्यार करने वाला को कितना मुश्किल होता है दिल खराब हो जाता है ऐसा ही दिल को लेकर खुशी गम और उत्साहित सभी प्रकार का मिलाजुला के English language shayari collection in Hindi तैयार किया है।

https://www.nepalishayari.com/2020/04/new-heart-touching-love-shayari-in-hindi.html
Hindi shayari love

Hindi shayari Collection - हिंदी शायरी संग्रह 


आँखों में कोई ख़्वाब सुनहरा नहीं आता
इस झील पे अब कोइ परिन्दा नहीं आता
हालात ने चेहरे की चमक छीन ली वरना
दो-चार साल में तो ब़ुढापा नहीं आता 
मुद्त से तमन्नाएँ सजी बैठी हैं दिल में
इस घर में ब़डे लोगों का रिश्ता नहीं आता
इस दर्जा मसायब के जहन्नुम में जला हूँ
अब कोइ भी मौसम हो, पसीना नहीं आता 
मैं घर में बैठा ये सोच रहा हूँ
इस दौर में आसानी से पैसा नहीं आता
वो कौम की तक़दीर बदलने को उठे हैं
जिन लोगों को बचपन से ही क़लमा नहीं आता
बस तेरी मुहब्बत में चला आया हूँ वरना
यूँ सबके बुला लेने से 'में नहीं आता

सुस्त ज़िन्दगी के दिन चार देखिये,
तेज़ भागते वक़्त की रफ़्तार देखिये
सिकुड़ती हुई उम्र के कमरे के बाहर
ख्वाहिशों की लम्बी क़तार देखिये, 
रंगीपुती रिश्तों की दीवारों के अंदर
घर बनाती रंजिश की दरार देखिये
दुकाने इंसानियत की बंद हो गयीं
वहशियत का हर तरफ बाजार देखिये 
झुक के पाँव छूती थी जो शोहरतें
आज उन्हें ही सर पर सवार देखिये
बाँट ली हैं साँसे बराबर के हिस्सों में
आंसू और हंसी के बीच करार देखिये 
शायद कोई हमको खोजकर ले आये
गुमशुदगी का देकर इश्तेहार देखिये
दिल तो कबका इसमें दफ़न हो चूका
अब तो सिर्फ जिस्म की मज़ार देखिये...

Hindi shayari sad - हिंदी शायरी उदास


सदियाँ बीत जाती है ख़्यालों से निकलने में...
मगर जब याद आती है तो आँखे भीग जाती है...
मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है.....
चकनाचूर करने को हकीकत जिद किए बैठी है ....
वो केवल हौसले से आबोदाना ढूंढ लेती है,
उठाती है जो खतरा हर कदम पर डूब जाने का....
वही कोशिश समंदर मे खजाना ढूंढ लेती है,
जुनूं मंजिल का, राहों में बचाता है भटकने से....
मेरी दीवानगी... अपना ठिकाना ढूंढ लेती है .....!! 
प्यार में शर्त निभाने की कभी ज़िद न करो
प्यार को जब्र से पाने की कभी ज़िद न करो
प्यार नादान है नादां ही इसे रहने दो
प्यार को इल्म सिखाने की कभी ज़िद न करो
प्यार मासूम दुआओं की तरह होता है
तुम इसे क़ैद में लाने की कभी ज़िद न करो
बात जो क़ौम की मिल्लत में दरारें लाए
यार वो बात सुनाने की कभी ज़िद न करो
ज़िंदगी प्यार की झरने सी रवाँ होती है
रोक तुम इसपे लगाने की कभी ज़िद न करो 
दिल परेशान है तेरे बगैर
जिन्दगी बेजान है तेरे बगैर
लौट आ फिर से मेरे हमदम
सब कुछ वीरान है तेरे बगैर
रात की नींद दिन का सुकून
आना कहा आसान है तेरे बगैर
फिरते रहते पागलो की तरह इधर से उधर
 लगता नही दिल बहुत नुकसान है तेरे बगैर

सुस्त ज़िन्दगी के दिन चार देखिये,
तेज़ भागते वक़्त की रफ़्तार देखिये !
सिकुड़ती हुई उम्र के कमरे के बाहर
ख्वाहिशों की लम्बी क़तार देखिये ! 
रंगीपुती रिश्तों की दीवारों के अंदर
घर बनाती रंजिश की दरार देखिये !
दुकाने इंसानियत की बंद हो गयीं
वहशियत का हर तरफ बाजार देखिये ! 
झुक के पाँव छूती थी जो शोहरतें
आज उन्हें ही सर पर सवार देखिये !
बाँट ली हैं साँसे बराबर के हिस्सों में
आंसू और हंसी के बीच करार देखिये ! 
शायद कोई हमको खोजकर ले आये
गुमशुदगी का देकर इश्तेहार देखिये !
दिल तो कबका इसमें दफ़न हो चूका
अब तो सिर्फ जिस्म की मज़ार देखिये...!!

Hindi shayari sad- हिंदी शायरी उदास


उस ने दूर रहने का मशवरा भी लिखा है,
साथ ही मुहब्बत का वास्ता भी लिखा है,
उस ने ये भी लिखा है मेरे घर नहीं आना,
साफ़ साफ़ लफ़्ज़ों में रास्ता भी लिखा है, 
कुछ हरूफ लिखे हैं ज़ब्त की नसीहत में,
कुछ हरूफ में उस ने हौसला भी लिखा है,
शुक्रिया भी लिखा है दिल से याद करने का,
दिल से दिल का है कितना फ़ासला भी लिखा है,
क्या उसे लिखें क्या उसे कहें,
जिस ने कर के बे-जान, फिर जान-ए-जाँ भी लिखा है..!!

राह देख़ते-देख़ते तेरी, बहुत देर हो गई,
कल तलक मैं तेरी थी, आज ग़ैर हो गई..
न पूछा तूने कुछ भी, न क़हां मैंने कुछ भी,
यूँ ही मोहब्बत की शाम-ओ-सहर हो गई.. 
अनकहे जज्बात, भीतर ही दफ़न हो गए,
जुदाई की घडियाँ पल भार में ख़तम हो गई..
मर-मर के ग़ुजरती हैं तेरे बिना ये ज़िन्दगी,
तेरे नाम जो साँसे थी, आज ज़हर हो गई...!

सुबह होते ही इंतज़ार होता है शाम का
हर शाम के साथ इंतज़ार जाम का .......
महफ़िलो मैं शाम गुज़र जाती है
फिर सुबह होती है लेकर इंतज़ार शाम का .......
सोचते थे
आप की बेवफाई खुदा से बयां करे
पर हमारे खुदा ही आप थे
ज़ब खुदा ही बेवफा हो
तो मतलब क्या रहा इंतकाम का ???
अब तो खामोश से मय्कदो में पड़े रहते हैं
एक बोतल के साथ रात गुजरती है
सुबह होती है और फिर इंतज़ार शुरू हो जाता है
शाम का .........
इसी बहाने मुझे कुछ काम मिल जाता है,
मेरी आवाज़ से जब उन्हें आराम मिल जाता है!
दिल की बातें दबा के रखती हैं वो,
और उनकी साँसे सुनकर
मुझे ख़बर तमाम मिल जाता है!!

कोई दूसरे के लिए त्याग करना चाहता है,
कोई दूसरे के लिए अपनाना चाहता है।
कोई किसी के दुख सुख में हसना और रोना चाहता है
कोई खुद ही मे खुश रहना चाहता है।
पर हर कोई अपनी जिंदगी जीना चाहता है।।
कोई किसी को प्यार करना चाहता है
तो कोई किसी को हार्ट करना चाहता है।
कोई सिर्फ अपने प्यार के साथ जिंदगी बिताना चाहता है
कोई मोहब्बतका नाटक कर के उसके प्यार को बदनाम करना चाहता है।
पर हर कोई अपनी जिंदगी जीना चाहता है।।

hindi shayari dosti
Hindi shayari sad

Hindi shayari dosti - हिंदी शायरी दोस्ती


सूनी कुछ रोज़ उसकी गली होगी,
मेरे जाने पे थोड़ी खलबली होगी ;
दिखी तो नहीं आँख थी जब तलक,
बात शायद बाद में पता चली होगी;
दिल तो कहता है दुःख हुआ होगा,
अफवाह है कि पूरियां तली होगी ;
उसके गाँव में भी दिखा होगा धुआं,
देर तक दो मन लकड़ी जली होगी;
वो हार ही गयी दिल का मुकदमा,
कमी 'सिंह' की बहुत खली होगी।

मेरे अक़्सो से मिलकर हर अक्स भूल जाती हैं वो,
जैसे सुबह से अरसो बाद एक शाम मिल जाता है!
जुबाँ फिसलती है तो जैसे वक़्त भी थम जाए,
इस रिश्ते को जैसे शमशान मिल जाता है!!
होंठों से बस रूबरू होने का मन करता है तब,
सुना है सब कुछ ठीक हो जाए जब
लाल जाम में एक और जाम मिल जाता है !!

जिन्दगी की होड़ में तुझे पाने की तलब थी।
कैसे बताउँ मेरी इस तलब में एक तड़प थी।
इश्क तो आँखों में थी,
कुछ मुझमें भी, कुछ तुझमें भी।
एक तड़प बाहों में थी,
कुछ तुझमें भी, कुछ मुझमें भी।
शाम के बदलते रूप जैसी,
तुझे मिलने की सुलग थी।
पर समय का फेर देख,
तडप दोनों की अलग थी।

अब सोचता हूँ कि कि क्यों हुआ इतना कुछ ??
ये भाग्य था मेरा या परिणाम दे रहा मेरा कर्म??
राह में टकराये एक बुजुर्ग दे गए जवाब मेरा-
सोचता क्या है पुत्र गर्व कर तू खुदपर,
ये तेरा भाग्य नहीं, है सब तेरा कर्म।
कर्मशील हो तुम जो ले गए
वो अनुभव जो हम न ले सके ताउम्र।
खुश रह, बना जिंदगी तो तू अपना बसेरा,
शक्तिशाली है तू, अब वक्त हाथ थामे है तेरा।

Hindi shayari love sad - हिंदी शायरी प्यार उदास


किसके ग़म ने मारा हमको, ये कहानी फिर सही
किसने तोड़ा दिल हमारा, ये कहानी फिर सही!
दिल के लुटने का सबब, पूछो न सबके सामने;
नाम आयेगा तुम्हारा, ये कहानी फिर सही! 
नफ़रतों के तीर खा कर, दोस्तों के शहर में;
हमने किस किस को पुकारा, ये कहानी फिर सही!
क्या बताएं प्यार की बाज़ी, वफ़ा की राह में;
कौन जीता कौन हारा, ये कहानी फिर सही!

बस इक झिझक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में
कि तेरा ज़िक्र भी आयेगा इस फ़साने में।
बरस पड़ी थी जो रुख़ से नक़ाब उठाने में
वो चाँदनी है अभी तक मेरे ग़रीब-ख़ाने में।
इसी इश्क़ में क़िस्मत बदल भी सकती थी
जो वक़्त बीत गया मुझ को आज़माने में।
ये कह के टूट पड़ा मोहबत आख़िरी फूल
अब और देर है कितनी बहार आने में।

तुम फ़ौजी अफ़सर की बेटी, मैं तो किसान का बेटा हूँ,
तुम राबड़ी खीर मलाई हो, मैं तो सत्तू सप्रेटा हूँ,
तुम ए. सी. घर में रहती हो, मैं पेड़ के नीचे लेटा हूँ,
तुम नई मारुति लगती हो, मैं स्कूटेर लंबरेटा हूँ,
इस कदर अगर हम चुप-चुप कर आपस मे प्रेम बढ़ाएँगे,
तो एक रोज़ तेरे डैडी अमरीश पुरी बन जाएँगे,
सब हड्डी पसली तोड़ मुझे भिजवा देंगे वो जेल प्रिये,
दुःख की बात हैं  अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

मैं शनी-देव जैसा कुरूप, तुम कोमल कन्चन काया हो,
मैं तन से मन से कांशी राम, तुम महा चंचला माया हो,
तुम निर्मल पावन गंगा हो, मैं जलता हुआ पतंगा हूँ,
तुम राज घाट का शांति मार्च, मैं हिंदू-मुस्लिम दंगा हूँ, 
ताजमहल हो तुम चाँद का, मैं काली गुफ़ा अजन्ता की
तुम हो वरदान विधता का, मैं ग़लती हूँ भगवांता की,
तुम जेट विमान की शोभा हो, मैं बस की ठेलम-ठेल प्रिये,
दुःख की बात हैं ये मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

Hindi shayari love - हिंदी शायरी प्यार


दुनिया में प्यास बुझा ते मर जाते हैं ,
हम परिंदे कहीं जाते हुए मर जाते हैं ..
घर पहुँचता है कोई और हमारे जैसा ,
हम तेरे शहर से जाते हुए मर जाते हैं ..
उनके भी क़त्ल का इल्ज़ाम हमारे सर है ,
जो हमें ज़हर पिलाते हुए मर जाते हैं ..
हम हैं , सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस ,
जो ताल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं ..
ये मुहब्बत की कहानी नहीं मरती लेकिन ,
लोग क़िरदार निभाते हुए मर जाते हैं ..

लफ्ज मिलते नहीं जज्बात क्या लिखूं
दर्द ही दर्द है अल्फाज क्या लिखूं..!!
गैरों के दामन में दे दी खुशियां,,,
अपनी तकदिर क्या लिखूं..!!
चलते रहे वफा के राहों में,,,,
किसी को बेवफा क्या लिखूं..!!
मंजिलो को पाना मुक्कदर में नहीं,,
कदमों के निशां क्या लिखूं..!!
उनकी मुस्कान के लिए सजदे गुजर जाऊँ,,
अब उनकी दिल्लगी क्या लिखूं..!!

मैं मजबुडिया के साथ तूफानों से लड़ता हूँ
मुझे बचाना समंदर की ज़िम्मेदारी है।
कोई बताये ये उसके ग़ुरूर-ए-बेजा को
वो जंग हमने लड़ी ही नहीं जो हारी है।
दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत
ये एक चराग़ कई आँधियों पे भारी है।।
जाने मेरी मंजिलो के रास्ते कौनसे है,
चल तो रहे है कदम पर दायरे कौनसे है,
क्या ढूँढती है नज़र हर पल,
कौन अपने और पराये कौन से है।

अपने अपनों की चाहत में
ये दुनिया दीवानी है,
किसी आँख में हँसी घुली है,
किसी आँख में पानी है,
हमको जिससे प्यार हुआ
वो किसी और को चाह रही।
सबके किस्से अलग-अलग हैं,
सबकी अलग कहानी है।

बचकर रहना दोस्तो बेचने वाले हवा भी बेचते है
गुब्बारे मे डालकर, यहा सच बिकता है,
झुठ बिकता है, बिकती है हर कहानी
तिनो लोक मे फैला है ...
फिर भी बिकता है बोटल मे पानी।

हारने की आदत सी हो गयी है,
न जाने क्यूँ ये जिंदगी क़यामत सी हो गयी है।
पता है किधर जाना है मुझे,
ये जान कर भी गलत राह पर
चलने की आदत सी हो गयी है।
ऐसा लगता है की हार चूका हूँ मै सब कुछ,
फिर भी मुकद्दर को बदलने की चाहत सी हो गयी है।।
  इस शायरी कविता गजल पढ़कर आपको कैसे लगा आपका मत देना हम आपका मत का इंतजार पर हैं।

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