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Dosti shayari, Sad shayari, Love shayari in Hindi - दोस्ती शायरी, सैड शायरी, हिंदी में लव शायरी

Love shayari in Hindi - प्यार की शायरी 

आज इस Dosti shayri , sad shayari, love shayari in Hindi पर शायरी हैं इस प्रकार के शायरी सभी को पसंद वाला शायरी हैं २ लाइन वाला शायरी ग़ज़ल भी सामेल हैं। 

हमारी सांस्कार पर हिंदी लिखना सुन्ना सभी को पसंद हैं बच्चे हो या बूढापा हर किसी को शायरी सुन्ना पसंद करता हैं अपना दिल का बाटे बोलकर  लिखकर किसी दूसरेको इम्प्रेस करते हैं। 

हम इस पर अलग अलग समय का अलग अलग अबस्था पर मिले जुले  love shayari Hindi  पर सभी प्रकारका शायरी लिखा गया हैं आपको किस प्रकार का पसंद आएगा हमको  बताना नभुले।  
https://www.nepalishayari.com/2020/04/new-sad-shayari-in-hindi-for-girlfriend.html
shayari photo

Sad love Shayari


जवानी, हुस्न, मयख़ाने, लबो रूख़सार बिकते हैं...
हया के आईने में कुछ ,कुछ सरे बाज़ार बिकते हैं...
शराफत ज़र्फ, हमदर्दी ,दिलों से हो गयी रुख़सत....
जहां दौलत चमकती है ,वहीं किरदार बिकते हैं...
वहां हथियार बिकने का, अजब दस्तूर निकला है...
हमारे शहर में अब तक गुलों के हार बिकते हैं...
हमारे रहनुमाओं को , हुआ क्या है ख़ुदा जाने..
कभी इस पार बिकते हैं, कभी उस पार बिकते हैं...
ज़रा खुद सोचिए हम पर तबाही क्यूं ना आएगी.
ये दौर ऐसा है जिसमें , कौम के किरदार बिकते हैं..
जब दर्द उठा तो रो दिए हम
वरना हँसते हुए जीवन जिया है
यकीं है तुझे पा ही लेंगे एक दिन
तेरी खुशबु ने पता बता दिया है
तेरी याद में जिंदगी गुज़ार लेंगे हम
तेरी चाहत ने सुकूँ मुझे बहुत दिया है
अच्छा होता अगर तुम साथ रह पाते
वक्त से पहले दामन छुड़ा लिया है
क्या कयामत ढा गई तेरी बेवफ़ाई भी
रोते रोते भी हँसना सिखा दिया है...!!
याद है उस रात ?
जब आस्मां में सजदे करते वक्त,
तुमने टेका था माथा।
तभी सारे चांद सितारे,
तुम्हारे माथे से चिपक गये थे?
था आईना नही मेरे पास दिखाने को,
पर बाखुदा बेहद हसीन लग रही थी तुम।
चलो फिरसे बैठकर आज,
किसी टूटे सितारे पर,
सैर करते हैं पूरे कहकशां का।
है आज मेरे पास आईना भी,
मगर तुम्हारे पास तो वक्त है न?
चलो फिर से प्यार कि शुरूवात करते है,
क्यों हम बिछड़े थे वही बात करते है..
न गुनाह तुमने किया न गलती मेरी थी,
दूरियाँ पैदा तो सिर्फ हालात करते है...
इक पल में क्यों तु मुझ से रूठ गयी,
सोच कर मेरे नैना बरसात करते है...
बेशक तुम मेरी बातों पर यकीन न करो,
पर हम तुम्हे याद दिन रात करते है...
न अब तुम मुझ से कभी जुदा होना,
जुदाई में हम पैदा बुरे ख्यालात करते है...

अब कभी तेरी बेबसी का, सबब नहीं पूछेंगे,
चलो छोड़ो जाने भी दो, अब हम नही रूठेंगें...
मेरा ईमान महज़ इसी शर्त पर, मुनहसर नही है,
कि जब भी लूटेंगे सिर्फ, चाँद सितारे ही लूटेंगें...
चलो न वहीं से शुरू करते हैं, हम हमारे तबसिरे,
कि कभी तुम ख़ैरियत लो, कभी हम हाल पूछेंगे...
मैं हसरतों के हाथों मज़बूर हूँ,तो क्या हुआ,
यकीन कर टूट जायेंगे, मगर वादों से नहीं टूटेंगे...

वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें,
वो एक दिल जिसे 'पत्थर" बना लिया मैनें...
 ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई,
 ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें...
 कभी न ख़त्म किया मैंने रोशनी का जरिया,
 अगर चिराग़ बुझा,तो दिल जला लिया मैनें....

 Love Shayari in Hindi


तुम्हारे हुस्न का जलवा नक़ाब में क्यों है
ये काँटा सा लगा है तो गुलाब में क्यों है।
वो ख्वाब में तो बहुत ही हसीन लगती है
मुझे मिले भी सही मेरे ख्वाब में क्यों है।
हमारे वास्ते वो फूल जो खरीदा था
मगर वो फूल अभी तक किताब में क्यों है।
जो पाता है वो उसी को हो जाता है जाना
कुछ इस तरह का नशा भी शराब में क्यों है।
वो रूठ जाए मनाना बहुत ही मुश्किल है
खुदा ही जाने ये नखरें ज़नाब में क्यों है।
अगर तू चाहे तो दिल से निकाल दो मुझको
मगर ये नफरतें तेरे जवाब में क्यों है।
कहा सवालों ने तुमसे जवाब मांगते हैं,
हम अपनी आंखों के हिस्से का ख्वाब मांगते हैं।
हम ही को दरिया पर जाने से रोकने वाले,
हम ही से पानी का सारा हिसाब मांगते है।
अजीब लोग हैं इन पर तो रहम आता हैं,
जो काँटे बोकर जमी से गुलाब मांगते हैं।
गुनहगार तो नज़रे हैं आपकी वरना,
कहा ये फूल से चेहरे नकाब मांगते हैं।।
मेरे अधूरे ख्वाब और उलझता हु मै ये कितना सही है         
मेरे तकलिफी जजबात और
उसकी यादों में खोया रहना कितना सही है।।
अब दिल भी कहता है अलग मंज़िल देख और
अलग देख अपने रास्ते क्योकि बेमतलबी लोगो से
रिश्ता रखना कितना सही है।।

एक आस, एक एहसास,
मेरी सोच और बस तुम
एक सवाल, एक मजाल,
तुम्हारा ख़याल और बस तुम
एक बात, एक शाम,
तुम्हारा साथ और बस तुम
एक दुआ, एक फ़रियाद,
तुम्हारी याद और बस तुम
मेरा जूनून, मेरा सुकून,
बस तुम और बस तुम

मगजों में लोग
अपनी उम्र कम बताते हैं
बड़े होकर मां की कोख में
बिताए 9 महीने भूल जाते हैं
निकाल देते हैं दूसरों में ऐब,
जैसे हम नेकियों के नवाब हैं
 गुनाहों पर अपने परदे डालकर,
 कहते हैं ज़माना बड़ा खराब है।

लगता है भूल चूका हूँ,
मुस्कुराने का हुनर,
कोशिश जब भी करता हूँ,
आंसू निकल ही आते है."
ये तो ज़मीन की फितरत है
की वो हर चीज को मिटा देती है......
वर्ना तेरी याद में गिरने वाले
आंसुओ का अलग समुंदर होता

Very Sad Shayari


उसे ही सोचता हूँ ,अब उसे ही ढूँढता हूँ मैं।
ख्वाबों से हकीकत में लाने की अब जरुरत है।।
वो जो सूरत है बड़ी खूबसूरत है।
मोहब्बत से वो नज़रें कुछ बचा के घुमती है पर।।
अक्सर उनकी ही तस्वीर देख देख जीता हूँ।
मिली नहीं तो मर जाऊँगा,मिलने की अब जरुरत है।।

दिल परेशान है तेरे बगैर
जिन्दगी बेजान है तेरे बगैर
लौट आ फिर से मेरे हमदम
सब कुछ वीरान है तेरे बगैर
रात की नींद दिन का सुकून
आना कहा आसान है तेरे बगैर
फिरते रहते पागलो की तरह इधर से उधर
लगता नही दिल बहुत नुकसान है तेरे बगैर

दिल परेशान है तेरे बगैर
जिन्दगी बेजान है तेरे बगैर
लौट आ फिर से मेरे हमदम
सब कुछ वीरान है तेरे बगैर
रात की नींद दिन का सुकून
आना कहा आसान है तेरे बगैर
फिरते रहते पागलो की तरह इधर से उधर
लगता नही दिल बहुत  नुकसान है तेरे बगैर

ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया
बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया,
स्वयं ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा
हाथों में हाथ दे के खुद ही छुड़ा गया,
कर दी जिसके लिए हमने तबाह ज़िन्दगी
उल्टा वो हमे बेवफा का इल्जाम दे गया।

नजरअंदाज करने वाले
तेरी कोई ख़ता ही नही
महोब्बत क्या होती है
शायद तुझको पता ही नही...
मैं समुंदर का लिबास हूं
अभी इस नदी को पता नहीं।
यह सब मुझमें आके मिल गई
में किसी में जाके मिला नहीं।।


Dosti shayari in Hindi


मैं अपनी ज़िन्दगी से बहुत झगड़ के आया हूँ
मुकद्दर से भी अपने ज़बर लड़ के आया हूँ...
ईमान की राह पर हैं मंज़िल-ओ-मुकाम दुश्वार
मैं ज़र्जर पथरीली सीढ़ियों पे चढ़ के आया हूँ..
सस्ते में हुनर बेचना जब गवारा नहीं किया
तब हिमायतियों के चहरे भी पढ़ के आया हु...!!
https://www.nepalishayari.com/2020/04/hindi-shayari-collection-in-english.html
Hindi shayari image

मोहब्बत में दिल नहीं,जान लगती है।
आजकल तो मोहब्बत भी नीलाम लगती है।
एक प्रहर तो बीत जाता है
आंखो से दिल का दर्द पोंछने में!
दूसरे प्रहर में तो जिन्दगी की बोली
सरेआम लगती है ।।

दर्द को दर्द है दर्द कहने लगा
दर्द की आंख से दर्द बहने लगा,,,
दर्द ने जब दिया दर्द को दर्द है
तब से बेदर्द भी , दर्द सहने लगा ।।
ठीक नहीं है ज़नाब,
किसी के दिल के पार हुए तो
इल्जाम क़त्ल का लगेगा।

मोहब्बत नजर चुरा लेती है...
और दोस्त सीने से लगा लेते है...
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है....
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है....
जो मुझे तुझसे जुदा करती है....
हाथ की उस लकीर से डर लगता है.....

तस्वीर मे तुझे क्या देखूं,
तू नूर बनकर नैनो मे समाया है...
अब जिधर देखता हूं ,
उधर तूने अपना रुप बनाया है...
इस आशिकी को कौन समझे,
जग ने बहुत ठुकराया है...
पर गम नही दुनिया के रुठ जाने का,
क्योकि मेरे मेहरबाँ ने मुझे अपनाया है..

Sad shayari in Hindi


देख उसे दिल मेरा मचलने लगा
 प्यार में उसके पिघलने लगा।
मन को मैंने खूब समझाया
मत कर गलती बेवकूफ,
पर वह था कहां सुनने वाला
उसने तो जाकर बोली डाला। 

बहार की थी मगर ,रुत वो हम पे भारी थी
तेरे बग़ैर कभी हम ने जो गुज़ारी थी
फिर उसके बाद कभी भी बुरी नज़र न लगी
कि माँ ने ऐसी हमारी नज़र उतारी थी
निहत्थे लोगों पे हमला बहादुरी है तो फिर
वो जंग तुम भी न जीते जो हमने हारी थी

मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,
तुम एम ए फ़र्स्ट डिवीज़न हो,
मैं हुआ मैट्रिक फेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,

बहुत चक्कर मारें हैं,तेरी मोहब्बत के चक्कर में।
बहुत चक्कर मारें हैं,तेरी
मोहब्बत के चक्कर में।
तू हस के मेरा दिल तोड गयी इस चक्कर में।
कि हम प्यार तुझसे करते हैं,
तेरी "खूबसूरती" के चक्कर में!!


रोया तो होगा वो सख्श भी
मेरा नाम लेकर,आँसू भी आये होंगे।
जब उसने किसी अजनबी के लिए
खुद के अरमां मिटाये होंगे।
कितना याद किया होगा,
जाते क्क्त उसने मुझे ये तो पता नही।
पर हां साथ गुजारे पल तो
उसे जरूर याद आये होंगे।

वो रूठकर बोला,
तुम्हे सारी शिकायते हमसे ही क्यों है।
हमने भी सर झुकाकर बोल दिया की,
हमें सारी उम्मीदे भी तो तुमसे ही है।
ये शिकायतों का दौर देखता हूँ
तो थम सा जाता हूँ।
लगता है उम्र कम है
और इम्तिहान बहुत है।

किताबों के पन्नो को पलट के सोचता हूँ,
यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात है।
ख्वाबों मे रोज मिलता है जो,
हक़ीकत में आए तो क्या बात है।
कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है।

इतना ही जानो,
मेरी मोहब्बत का कोई हिसाब नहीं।
इश्क की नासमझी में.....
हम अपना सबकुछ गँवा बैठे,
उन्हें खिलौने की जरूरत थी.....
और हम अपना दिल थमा बैठे।

सदियों से जागी आँखों को,
एक बार सुलाने आ जाओ।
माना कि तुमको प्यार नहीं,
नफ़रत ही जताने आ जाओ।
 जिस मोड़ पे हमको छोड़ गए
हम बैठे अब तक सोच रहे।
क्या भूल हुई क्यों जुदा हुए,
बस यह समझाने आ जाओ।

सुना था कभी किसी से,
ये खुदा की दुनिया है
मोहोब्बत से चलती हैं।
करीब से जाना तो समझे,
ये स्वार्थ की दुनिया हैं
बस जरुरत से चलती हैं।।


मंजिल क्या है, रास्ता क्या है,
सुनो सफ़र की दास्ताँ क्या है...
मैं अकेला ही चलता रहा,
यादों के आगे काफिला क्या हैं...
ये पत्थर, ये मूरत,ये खुदा क्या है,
कभी हमसे मिलो तो जानो वफा क्या है...
तू गैर की हो गई ज़रा भी रंज नहीं,
इश्क़ का हुस्न से मुकाबला क्या है...
यूँ ही खामोश रहते हो सदा,
जिंदगी से कोई फैसला क्या है...
तेरे दिल के कोने में जगह मिल जाये,
फिर ये गली ये मोहल्ला क्या है...
यादों की भीड़ में गुम हो जाता हूँ,
की तन्हाई के आगे मेला क्या है...
मौत के आगोश में मोहब्बत हैं मेरी,
जिंदगी से बढ़कर बेवफ़ा क्या है...

कश्तिया उन्ही की डूबती है,
जिनके ईमान डगमगाते हैं...
जिनके दिल में नेकी होती है,
उनके आगे मंजिले सर झुकाती है...
उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी है
परों की अब के नहीं हौसलों की बारी है।

मां देख तिरंगा मेरे तन पर,
कितना सुंदर खिलता है।
ऐसा कफ़न मेरी मां बस,
किस्मत वालो को मिलता है।
देकर समर्पण मातृभूमि को,
गर्व से मैं इठलाता हूँ।
मैं तेरा बेटा बनकर आया,
इस दुनिया मे लेकिन।
भारत मां का बेटा बनकर,
इस दुनिया से जाता हूँ।

वो कहते रहे...
कभी इंतज़ार मत करना।
में इजहार करू...
तो कभी ऐतबार मत करना।
उन्होंने ये भी कहा
कि उन्हें प्यार नही हमसे।
ओर ये भी कह गए
कि किसी ओर से प्यार मत करना। 

हमें कुछ पता नहीं है
हम क्यों बहक रहे हैं।
रातें सुलग रही हैं
 दिन भी दहक रहे हैं।
जब से है तुमको देखा
हम इतना जानते हैं।
तुम भी महक रहे हो
हम भी महक रहे हैं।
जो चला गया,उसे जाने दे,
उसको याद करके अब,
खुद को बदहाल क्या करना..
तुझे पता है,
कि वो गलत नहीं मानेगा खुद को,
वही जवाब मिलेगा फिर से,
फिर ऐसे इंसान से सवाल क्या करना..
जानता हूं तुझे दुख है,
कि धोखा दे गया वो तुझे,
और तेरे प्यार को भुला बैठा,
जो गया उसे जाने दे,
बिछड़ने वाले का ख्याल क्या करना..
जो बीत गया उसे भूल जाना ही,
तेरे वज़ूद के लिए अच्छा है,
कड़वी बातों को याद रखकर,
जीना मुहाल क्या करना..

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