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Beautiful Hindi Love Shayari Collocation - (तेरी खुशिओं को सजाना चाहता हूँ, तुझे देखकर मुस्कराना चाहता हूँ)

Beautiful Hindi Love Shayari Collocation

दोस्तों आज अच्छे अच्छे शायरी संग्रह लेकर उपस्थित हूँ  Beautiful Hindi Love Shayari Collocation पर हर तरह का शायरी हैं। शायरी दुनिया पर छोटे छोटे खुस गम की २ लाइन शायरी की साथ साथ प्यार मस्ती सभी प्रकार के सायरी लिखने की कोसिस हैं। 

Beautiful Hindi Love Shayari Collocation पर हम आपको आप जिस प्रकार के शायरी धुन रहाहे हो उसी प्रकारके शायरी लेखनेकी कोशिस कर रहे हैं वैसे शायरी आपने अवस्था पर निर्धारित होता हैं। 

जैसे प्रेम जो कर रहे हो उसके लिए उत्साहित प्यार की शायरी पसंद आएगा प्यार पर धोका पाने वाला दुःख की (sad shayari )को पसंद करेगा आपको किस प्रकार के चाहिए जरूर बताना। 

https://www.nepalishayari.com/2020/04/hindi-shayari-collection-in-english.html
Hindi Shayari

चेहरे की हँसी से गम को भुला दो,
कम बोलो पर सब कुछ बता दो,
खुद ना रूठो पर सबको हँसा दो,
यही राज है ज़िन्दगी का,
जियो और जीना सिखा दो।❜

जानते हो सब फिर भी अनजान बनते हो,
इस तरह क्यों हमे परेशान करते हो,
पूछते हो तुम्हे क्या क्या पसंद है,
जवाब खुद हो फिर भी सवाल करते हो।

“सर झुकाने की आदत नहीं है,
आँसू बहाने की आदत नहीं है,
हम खो गए तो पछताओगे बहुत,
क्युकी हमारी लौट के आने की आदत नहीं है!”

मैं आज भी उसकी बातें
याद कर-कर के रोता हूं,
समझ नहीं आता मैं कब
जगता हूं और सोता हूं।

इंसानो की बस्ती का
यही तो बस एक रोना है
अपने हो तो ज़ज्बात,
दूसरों के हों तो खिलौना है...

तेरी खुशिओं को सजाना चाहता हूँ,
तुझे देखकर मुस्कराना चाहता हूँ,
मेरी ज़िन्दगी में क्या अहमियत हैं तेरी,
ये लब्ज़ों में नही,पास आकर बताना चाहता हूँ। 

तुम्हारी इस अदा पे क्या जवाब दूँ,
अपने यार को क्या तोहफा दूँ,
कोई अच्छा सा फूल होता तो मंगवाता माली से,
जो खुद गुलाब है उसको क्या गुलाब दूँ.

एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे,
हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे
,जितना जी चाहे सतालो यारो
,एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे,

नज़र को नज़र की खबर ना लगे
कोई अच्छा भी इस कदर ना लगे
आपको देखा है बस उस नज़र से
जिस नज़र से आपको नज़र ना लगे।

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं,
जब तक ना कर लें दीदार आपका,
तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।

कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ नहीं देखा,
तुम्हारे बाद किसी की तरफ नहीं देखा,
ये सोच कर के तेरा इंतजार लाजिम है,
तमाम उम्र घडी की तरफ नहीं देखा ।

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर, 
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर, 
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह, 
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।

Beautiful Hindi shayari

इश्क़ कोई गुनाह नहीं 
इसे तुम भी खूब करो,
मैं तुम्हारी आँखों में डूबता हूँ
तुम किसी नाले में डूब मरो..!!

आज के बाद खत्म अपनी कहानी है ,
तेरी और मेरी अलग अब जिन्दगानी है ,
तु भी खुश लग रही है ,
मे भी खुश लग रहा हूँ 
लगता है जो आँखो मे है वो खुशी का पानी है ,

कुछ ऐसी "बेबसी" देखी तेरी निगाहों में,
गुनाह हो गया जैसे कोई "वफ़ाओं" में,
"वो" क्या समझेगा हर कदम पे क्या गुजरती है
"जो" चला ना कभीं "मुफ़लिसी" की राहों में

कहीं किसी रोज़ यूँ भी होता,
हमारी हालत तुम्हारी होती,
जो रात हमने गुज़ारी तड़प कर,
वो रात तुमने गुज़ारी होती।

आशियाँ बस गया जिनका, उन्हें आबाद रहने दो,
पड़े जो दर्द भरे छाले, जिगर में यूँ ही रहने दो,
कुरेदो ना मेरे दिल को, ये अर्जी है जहां वालों,
छिपा है राज अब तक जो, राज को राज रहने दो। 

टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता
इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता
टूटे ए दिल किसी के काम नहीं आता …

वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड़ गई
 खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई
 दुख न सही गम इस बात का है
 आंखो से करके वादा होंठो से तोड़ गई।

जो शख्स मेरी हर कहानी, 
हर किस्से में आया,
वो मेरा हिस्सा होकर भी, 
मेरे हिस्से में नहीं आया !!

अदाओ के मारे है हम ...,
कातिलाना तेरी हर एक बात है !!
कैसे बचें तेरे जलवो से ऐ हसीना ..,
ये तो काटो से भरा फेका हुआ जाल है !!

बिकता है ग़म
हुस्न की बाज़ार में,
हज़ारों दर्द छुपे हैं
एक छोटे से इंकार में,

वो क्या समझेगी
प्यार की कशिश को,
जिन्होंने फर्क ही नहीं समझा
पसंद और प्यार में....!!

हसरतें कुछ और हैं...!!
वक्त की इल्तजा कुछ और है....!!
कौन जी सका है...!!
ज़िन्दगी अपने मुताबिक...!!
दिल चाहता कुछ और है...!!
होता कुछ और है...!!

इस दिल को किसी की आस रहती है
निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है
तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही
पर तेरे बिना ज़िन्दगी बड़ी उदास रहती है

यूं नजर से बात की और दिल चुरा गए
अँधेरे से सायो में धड़कन सुना गए
हम समझते थे अजनबी आप को
पर आप तो हमको अजनबी बना गए


लाखों के दिलों की धड़कन हमारे लिए धड़कती है,
न जाने कितनो की चूड़ियां हमारे लिए खनकती हैं,
तुम हमारी बेशक न हो सकीं,
लेकिन हमारे लिए तो लाखों तड़पती हैं।

मैं गुस्सा करता हूं, तो तुम उदास होती हो!
अकेले में तुम सिसक-सिसक के रोती हो!
तुम भी ना रोती मेरे गुस्से पे, गर पता होता तुमको,
परवाह तुम्हारी हर पल रहती मुझको,
हर पल दिल में होती हो!

प्यार भी तुमसे, तकरार भी तुमसे,
नाराज न होना तुम प्रिये,
मेरी जिंदगी की बहार है तुमसे!
भूल कर भी साथ न छोड़ना,
पागल हो जाऊंगा,
अगर जो टूट गई जिंदगी की डोर तुमसे!

गुस्सा तुमसे करता हूँ अपना समझ के,
इस बात का डर लगता है,
दूर न हो जाओ कही तुम मुझसे!
दूर न होना मुझको तुम बेगाना समझ के,
जीना मुश्किल हो जायेगा बिछुड़ के तुझसे!

मस्त शायरी

दोस्तों में दूरियां तो आती रहती है
फिर भी दोस्ती दिलो को मिलाती रहती है
वो दोस्ती ही क्या जो नाराज़ ना हो पर
सच्ची दोस्ती दोस्तों को मना लेती है !!

हो ग़र इबादत कोई तो सिर झुका लेना चाहिए
रूठा हो कोई अपना ग़र तो मना लेना चाहिए,
नफ़रत की आंधियां चलती रहती है हर पल यहां
रिश्तों के चिराग़ों को हवाओं से बचा लेना चाहिए...

कोई मरहम नहीं चाहिये,,,
जख्म मिटाने के लिये..
तेरी एक झलक ही काफी है,,,
मेरे ठीक हो जाने के लिये

वक्त से लड़कर
जो नसीब बदल दे !!
इन्सान वही जो
अपनी तक़दीर बदल दे !!
कल क्या होगा
कभी मत सोचो !!
क्या पता कल वक्त खुद
अपनी तस्वीर बदल दे !!

कहने वालों का कुछ नहीं जाता ,
सहने वाले कमाल करते हैं॥
कौन ढूंढें जवाब दर्दों के ,
लोग तो बस सवाल करते है॥
फ़लक से फ़रहतों की शुआएँ मांगती है
चले जो मेरी ओर वो फ़ज़ाएँ मांगती है
छिपाके मुझसे माँ मेरी करती है साज़िशें
साज़िशों में भी मेरे लिए दुआएं मांगती है 
तेरी बातों का असर जो छाया है मेरे दिल पर
यक़ीनन मुझे तड़पाएगा अब ये रात भर
सोचा भूल जाऊंगा तुझे अब करूँगा ना याद
मगर दर्द ही मिला मुझे, तुझे भूल कर
"आवाज" ऊँची होगी 
तो कुछ लोग सुनेंगे...!
किन्तु "बात" ऊँची होगी 
तो बहुत लोग सुनेंगे...!!  

अपनों से खाये जखम तोह,
आदत सी हो गई जखम खाने की ||
इनकी ठोकर लगी है हमे अब तो,
आदत सी हो गई चोट खाकर मुस्कुराने की ||

उनकी चर्चा हर शाम होती है,
बात बात में बात निकल आती है ||
ख्यालात पेश करता हु महफ़िल में,
महफ़िल में उनकी बात निकल आती है

फुर्सत किसे है ज़ख्मों को सरहाने की;
निगाहें बदल जाती हैं अपने बेगानों की;
तुम भी छोड़कर चले गए हमें;
अब तम्मना न रही किसी से दिल लगाने की।

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो;
मेरी रगों में ज़हर जुदाई का उतरता देखो;
किस किस अदा से तुझे माँगा है खुदा से;
आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो।

बेनाम सा यह दर्द ठहर क्यों नही जाता;
जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नही जाता;
वो एक ही चेहरा तो नही सारे जहाँ मैं;
जो दूर है वो दिल से उतर क्यों नही जाता।

खुलेगी इस नज़र पे चश्म-ए-तर आहिस्ता आहिस्ता;
किया जाता है पानी में सफ़र आहिस्ता आहिस्ता;
कोई ज़ंजीर फिर वापस वहीं पर ले के आती है;
मुश्किल हो राह तो टुटताहै है घर आहिस्ता आहिस्ता।
एक खिलौना टूट जाएगा नया मिल जाएगा;
मैं नहीं तो कोई तुझ को दूसरा मिल जाएगा;
भागता हूँ हर तरफ़ ऐसे हवा के साथ साथ;
जिस तरह सच मुच मुझे उस का पता मिल जाएगा।

दर्द-ए-दिल कम ना होगा ऐ सनम;
आपकी महफ़िल से जाने के बाद;
नाम बदनाम हमारा होगा;
आपकी ज़िन्दगी से जाने के बाद।

ना ख्वाइश ए मंजिल~
ना इश्क़ ए मिसाल है तू... 
मझमे ही उलझा ~
"मेरा ही एक सवाल हैँ तू...
ना राहत ए मर्ज~
ना दर्द ए इलाज है तू...
फिर क्यों मेरी जिंदगी की
रुह ए तलाश है तू....

सुंदर शायरी

मेरी रातों की रहत, दिन के इत्मिनान ले जाना;
तुम्हारे काम आ जायेगा, यह सामान ले जाना;
तुम्हारे बाद क्या रखना अना से वास्ता कोई;
तुम अपने साथ मेरा उम्र भर का मान ले जाना।

ज़िन्दगी से बडी सज़ा ही नही,
और क्या जुर्म है पता ही नहीं,
इतने हिस्सों में बँट गया हूँ मैं,
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं.

आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा,
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा,
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला,
मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा.

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं,
हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं,
दिल का दर्द किससे दिखाए,
मरहम लगाने वाले ही ज़ख़्म दे जाते हैं.

तुम्हें भूले पर तेरी यादों को ना भुला पाये;
सारा संसार जीत लिया बस एक तुम से ना हम जीत पाये;
तेरी यादों में ऐसे खो गए हम कि किसी को याद ना कर पाये;
तुमने मुझे किया तनहा इस कदर कि
अब तक किसी और के ना हम हो पाये।
ना हम रहे दिल लगाने के काबिल;
ना दिल रहा ग़म उठाने के काबिल;
लगे उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर;
ना छोड़ा उसने फिर मुस्कुराने के काबिल।

दिल पे क्या गुज़री वो अनजान कए जाने,
प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने,
तूफ़ान के साथ उड़ गये घर इस परिंदे का,
घोसला कैसे बना था वो तूफान क्या जाने !

काश वो पल संग बिताए न होते,
जिनको याद कर के ये आँसू आये ना होते,
खुदा को अगर इस तरह दूर ले जाना ही था,
तो इतनी गहराई से दिल मिलाए ना होते.

तुज़से दोस्ती करने का हिसाब ना आया,
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया,
हम तो जागते रहे तेरे ही ख़यालो मे,
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया.

हम अपना दर्द किसी को कहते नही,
वो सोचते हैं की हम तन्हाई सहते नही,
आँखों से आँसू निकले भी तो कैसे,
क्योकि सूखे हुवे दरिया कभी बहते नही.

उनसे मिलने की जो सोचें अब वो ज़माना नहीं;
घर भी उनके कैसे जायें अब तो कोई बहाना नहीं;
मुझे याद रखना तुम कहीं भुला ना देना;
माना कि बरसों से तेरी गली में आना-जाना नहीं।

चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,
लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है।

आपको हर "वक्त" पता होता है
आपके पास कितनी "दौलत" है
लेकिन आप कितनी भी "दौलत"
खर्च करके यह नही जान सकते
कि आपके पास कितना ''वक्त" है

खुशियां चाही थी हर पल में पर वो दे ना पाया
बातें कही थी बहुत पर दिल की कह ना पाया
काश बता पाता के मेरे जीवन में वो क्या है
बताया तो बहुत बस यही बात बता ना पाया

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